11 साल बाद संगठन चुनाव कराने की तैयारी
भोपाल। प्रदेश के कॉलेजों में छात्र राजनीति को नया जीवन देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने बड़ी तैयारी की है। प्रदेश में छात्र संघ चुनावों पर लगी अघोषित रोक के बीच, एनएसयूआई अब खुद अपने संगठनात्मक चुनाव कराने जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस चुनावी प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाते हुए एक विशेष इलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है। खास बात यह है कि कांग्रेस पूरे 11 साल बाद प्रदेश में एनएसयूआई के संगठनात्मक चुनाव कराने जा रही है, जिससे राज्य की सियासी हलचल तेज हो गई है।
युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए एनएसयूआई प्रदेश भर के कॉलेजों में एक महीने का राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान को हाईटेक बनाने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए छात्र आसानी से घर बैठे संगठन की सदस्यता ले सकेंगे। एक महीने तक चलने वाले इस सघन अभियान के पूरा होते ही कॉलेज, जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही एनएसयूआई युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी। संगठन शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों, नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लगातार होते पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बनाकर छात्रों के बीच पैठ मजबूत करेगा।
2015 में हुए थे चुनाव
एनएसयूआई के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव कराने से बच रही है, जबकि संगठन लंबे समय से इसकी मांग कर रहा है। सरकार की इसी बेरुखी को देखते हुए संगठन ने खुद आंतरिक चुनाव कराने का फैसला किया है, ताकि राजनीति में रुचि रखने वाले युवाओं को आगे बढ़ने का एक लोकतांत्रिक मंच मिल सके। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2015 में एनएसयूआई ने संगठनात्मक चुनाव कराए थे।