गेहूं खरीदी को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला
भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ छल करने और गेहूं खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज अन्नदाता मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है।
कुणाल चौधरी ने सरकार के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि सरकार 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का आंकड़ा पेश कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि किसानों के पास अभी भी लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूं बचा हुआ है। भाजपा ने एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज प्रदेश के 50 फीसदी किसान स्लॉट बुकिंग के लिए परेशान हैं। अॉनलाइन व्यवस्था पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सिस्टम को इतना अॉनलाइन कर दिया है कि किसान लाइन में खड़ा-खड़ा अॉफलाइन हो रहा है।
गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाए सरकार
चौधरी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच खरीदी केंद्रों पर सर्वर डाउन रहने से किसान घंटों धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं। वहीं, सरकार ने गेहूं खरीदी की तारीख 30 मई से घटाकर 28 मई कर दी है, जो किसानों के साथ खुला धोखा है। इसके अलावा, गांवों में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने किसानों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि सरकार गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाए, सर्वर की समस्या दूर कर सभी किसानों को तत्काल स्लॉट दे और खरीदी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।