प्रवेश से पहले जांचें विश्वविद्यालय की मान्यता, यूजीसी की लिस्ट देखना न भूलें

उच्च शिक्षा विभाग ने जारी की एडवायजरी, फर्जी संस्थानों की डिग्री नहीं होगी मान्य
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा जागरूकता अभियान छेड़ा है। फर्जी विश्वविद्यालयों और अवैध शिक्षण संस्थानों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को रोकने के लिए विभाग ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के पालन में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश के सभी शासकीय, निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों को इन फर्जी संस्थानों के प्रति सचेत करें। वर्तमान प्रवेश सत्र को देखते हुए यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई संस्थान लुभावने विज्ञापनों और भ्रामक दावों के जरिए छात्रों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि केवल विधिक रूप से मान्यता प्राप्त संस्थान ही डिग्री देने के पात्र हैं। 18 मार्च को जारी सार्वजनिक सूचना का हवाला देते हुए विभाग ने बताया कि फर्जी संस्थानों से प्राप्त डिग्रियां न तो आगे की पढ़ाई के लिए मान्य होंगी और न ही सरकारी या निजी क्षेत्र में रोजगार पाने के लिए इनका कोई मूल्य होगा। यह पूरी तरह से विद्यार्थियों के समय और धन की बर्बादी है।
10वीं-12वीं के छात्रों पर विशेष ध्यान
जागरूकता अभियान के तहत विशेष रूप से कक्षा 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को लक्षित किया गया है। विभाग का मानना है कि उच्च शिक्षा में कदम रखने वाले ये छात्र सबसे ज्यादा धोखाधड़ी का शिकार होते हैं। शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बरतें और छात्रों को मान्यता की जांच करने के लिए प्रेरित करें।
प्रवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी सूची अवश्य देखें, केवल आकर्षक विज्ञापनों या भव्य इमारतों को देखकर प्रवेश का निर्णय न लें, यदि कोई संस्थान नियमों के विरुद्ध डिग्री बांट रहा है या अवैध रूप से संचालित है, तो तुरंत संबंधित प्राधिकरण को इसकी सूचना दें।

Leave Comments

Top