ईरान ने प्रगति की है, लेकिन पर्याप्त नहीं- ट्रंप
प्रेस से बातचीत जारी रखते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने समझौते की दिशा में प्रगति की है, लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि वे कभी समझौते तक पहुंच पाएंगे। पाकिस्तान में आमने-सामने की बातचीत के संभावित नए दौर के बारे में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल सभी बातचीत फोन पर हो रही है। ट्रंप ने फिर किया दावा- ईरान का नेतृत्व 'असंबद्ध
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'अत्यधिक मतभेद हैं… उन्हें आपस में तालमेल बिठाने में बहुत दिक्कत हो रही है।' उन्होंने आगे कहा, 'नेतृत्व बहुत बिखरा हुआ है, इसमें दो-तीन गुट हैं, शायद चार… इसके बावजूद, वे सभी समझौता करना चाहते हैं।' ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे युद्ध और वार्ता से संबंधित मुद्दों सहित सभी मामलों में देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रति एकजुट हैं
ईरान को पता नहीं कि उनका नेता कौन हैं- ट्रंप
पश्चिम एशिया संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अधिकांश लोग इसे पूरी तरह से असंवैधानिक मानते हैं। हमने युद्धविराम किया है, जिससे हमें अतिरिक्त समय मिल गया है, लेकिन किसी अन्य देश ने ऐसा नहीं किया है। हम एक बड़ी जीत के बीच में हैं... हम ईरान से बातचीत कर रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। वे करीब आते हैं, और फिर लोगों का एक नया समूह आ जाता है। उन्हें नहीं पता कि उनके नेता कौन हैं... वे बहुत भ्रमित हैं।'
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पेन और इटली पर ईरान के प्रति अपर्याप्त समर्थन का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने देना ठीक नहीं है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह इटली और स्पेन से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार रखने देना बुद्धिमानी नहीं है। यदि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति मिली, तो दुनिया को अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की तीन विदेशी मुद्रा विनिमय फर्मों पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये फर्म ईरान सरकार को तेल राजस्व को सैन्य उपयोग योग्य मुद्राओं में बदलने में मदद करती है। प्रतिबंधित फर्मों में ओपल एक्सचेंज, राडिन एक्सचेंज और ताहयोरी गारंटी सोसाइटी शामिल हैं। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान सरकार की धन उत्पन्न करने, स्थानांतरित करने और प्रत्यावर्तित करने की क्षमता को लगातार लक्षित करेगा।
युद्ध शक्ति प्रस्ताव पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने संकेत दिया कि वह ईरान में सैन्य कार्रवाई के लिए युद्ध शक्ति प्रस्ताव के तहत कांग्रेस की अनुमति नहीं लेंगे। उन्होंने इसे मांगने वालों को "देशभक्त नहीं" बताया। इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को सैनिकों की तैनाती के 60 दिनों के भीतर अनुमोदन लेना होता है। ट्रंप ने कहा कि कई राष्ट्रपतियों ने इसका उल्लंघन किया है और इसे कभी इस्तेमाल नहीं किया गया।
परमाणु हथियार पर चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि अधिकांश लोग इस कानून को पूरी तरह से असंवैधानिक मानते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि युद्धविराम से अतिरिक्त समय मिला है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक बड़ी जीत के बीच में है। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अमेरिका-ईरान पर बन रहा अंतरराष्ट्रीय दबाव
वहीं, कई देश अमेरिका और ईरान पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। पाकिस्तान ने युद्ध समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चीन भी पर्दे के पीछे चुपचाप अपना प्रभाव डाल रहा है। खाड़ी देश और पड़ोसी देश भी अमेरिका पर युद्धविराम बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।
ईरान की बदली हुई मांगें
वहीं, ईरान अब प्रतिबंधों और मुआवजे की बात नहीं कर रहे हैं। ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य को मुख्य मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। विश्व स्तर पर, हर कोई यथास्थिति बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है।