प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। राज्यसभा चुनाव के माहौल के बीच हुई इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर खुद दिग्विजय सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह भेंट औपचारिक होने के साथ-साथ किसानों के मुद्दों पर केंद्रित थी। दिग्विजयसिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलकर प्रदेश में जारी गेहूं उपार्जन से जुड़ी समस्याओं को उठाया और किसानों को हो रही परेशानियों के त्वरित समाधान का आग्रह किया। हालांकि, इसे औपचारिक मुलाकात बताया गया है, लेकिन राज्यसभा चुनाव के बीच हुई इस बैठक को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद सियासी हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया है।
किसानों के मुद्दे पर चर्चा
मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें जल्द दूर करना जरूरी है। उन्होंने इन समस्याओं को विस्तार से मुख्यमंत्री के सामने रखा।
151 कुंडीय “श्रीराम महायज्ञ” का सीएम को निमंत्रण
इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गृह क्षेत्र राघौगढ़ के ग्राम भैंसाना में 18 से 28 मई के बीच आयोजित होने वाले 151 कुंडीय “श्रीराम महायज्ञ” में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। यह धार्मिक आयोजन उनके परिवार के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है।