MP News: गेहूं खरीदी पर सीएम की नजर, किसी भी केंद्र पर हेलीकॉप्टर से अचानक जायजा लेने पहुंचेंगे मुख्यमंत्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 29 Apr 2026 06:57 PM IST

मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया के दौरान उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान वे व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।

MP News: CM keeps an eye on wheat procurement, will arrive at any center by helicopter to take a surprise insp

सीएम मोहन यादव

विस्तार

मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश में चल रही गेहूं की सरकारी खरीदी प्रक्रिया के दौरान उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री किसी भी समय, किसी भी केंद्र पर हेलीकॉप्टर से पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा ले सकते हैं। वे वहां मौजूद किसानों से सीधे संवाद भी करेंगे।औचक निरीक्षण की इस पहले के जरिए मुख्यमंत्री यादव यह सुनिश्चित करेंगे कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए शासन द्वारा तय सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हो रही हैं या नहीं। वे किसानों से मिलकर उपज विक्रय प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और व्यवस्थागत सुविधाओं की जानकारी भी लेंगे। राज्य सरकार द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों पर पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और जनसुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। 
तौल कांटों की संख्या बढ़ाई
किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी भी जिले के उपार्जन केंद्र का चयन करने की सुविधा दी गई है, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े। साथ ही तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है, और आवश्यकता अनुसार इसे और बढ़ाने की अनुमति जिलों को दी गई है।  
गुणवत्ता मानकों में भी राहत
गेहूं की गुणवत्ता मानकों में भी किसानों को राहत दी गई है। चमक विहीन गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत, सूकड़े दाने की सीमा 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक तय की गई है। उपार्जन केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, हम्माल-तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कूपन व्यवस्था और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा और छन्ना जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। उपार्जन की क्षमता बढ़ाने के लिए स्लॉट बुकिंग सीमा को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रति दिन प्रति केंद्र किया गया है, जिसे आवश्यकता अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है। 
शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग
सरकार किसानों से 2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन प्रक्रिया जारी रहेगी। किसानों को जागरूक करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार पोस्टर और बैनर उपार्जन केंद्रों पर लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के इस आकस्मिक निरीक्षण को किसानों के हित में व्यवस्थाओं की वास्तविक समीक्षा और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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