डेनमार्क ने ग्रीनलैंड के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हॉस्पिटल शिप को लेने से मना कर दिया है। प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और रक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रीनलैंड को बाहरी मदद की जरूरत नहीं है। वहां लोगों को मुफ्त इलाज मिलता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शिप भेजने का एलान किया था।
डेनमार्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजी जा रही हॉस्पिटल शिप को स्वीकार करने से मना कर दिया है। देश की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और रक्षा मंत्री ट्रॉएल्स लुंड पॉल्सन ने ट्रंप का बिना नाम लिए साफ कर दिया कि ग्रीनलैंड को किसी बाहरी स्वास्थ्य सेवा की जरूरत नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह डेनमार्क के उस स्वायत्त इलाके में एक हॉस्पिटल शिप भेज रहे हैं जिसे वह हासिल करना चाहते हैं।
रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री ट्रॉएल्स लुंड पॉल्सन ने रविवार को डेनिश ब्रॉडकास्टर डीआर से बात की। उन्होंने कहा, ग्रीनलैंड के लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से इलाज मिलता है। उन्हें यह सुविधा या तो ग्रीनलैंड में मिलती है या फिर विशेष इलाज के लिए डेनमार्क में। इसलिए ऐसा नहीं है कि ग्रीनलैंड में किसी खास बाहरी स्वास्थ्य पहल की जरूरत है। डेनमार्क की तरह ग्रीनलैंड में भी स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त हैं। इस बड़े आर्कटिक द्वीप पर पांच क्षेत्रीय अस्पताल हैं। इनमें नुउक अस्पताल पूरे इलाके के मरीजों को सेवा देता है। प्रधानमंत्री ने दिया जवाब
प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने फेसबुक पर अपने स्वास्थ्य सिस्टम की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि वह ऐसे देश में रहकर खुश हैं जहां सभी के लिए इलाज मुफ्त और बराबर है। वहां पैसा या बीमा यह तय नहीं करता कि आपको सही इलाज मिलेगा या नहीं। उन्होंने लिखा, ग्रीनलैंड में भी ऐसा ही है। इसके साथ ही उन्होंने एक मुस्कुराते हुए इमोजी के साथ सबको हैप्पी संडे कहा।
ट्रंप का दावा
इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था, हम ग्रीनलैंड में एक शानदार हॉस्पिटल बोट भेज रहे हैं। यह वहां बीमार और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित लोगों की देखभाल करेगी। उन्होंने आगे लिखा, यह रास्ते में है।
शिप की जानकारी नहीं थी
रक्षा मंत्री लुंड पॉल्सन ने बताया कि उन्हें इस हॉस्पिटल शिप के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड के बारे में ट्वीट कर रहे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आए नए बदलाव का एक उदाहरण है। ग्रीनलैंड सरकार ने फरवरी की शुरुआत में कोपेनहेगन के साथ एक समझौता किया था। इसका मकसद ग्रीनलैंड के लोगों को डेनमार्क के अस्पतालों में अच्छा इलाज देना है। वहीं, शनिवार को ही डेनमार्क की आर्कटिक कमांड ने नुउक के तट से एक अमेरिकी पनडुब्बी के क्रू मेंबर की मेडिकल इमरजेंसी में मदद की थी।