टी20 वर्ल्ड कप से ऑस्ट्रेलिया की शर्मनाक विदाई पर इयान हीली का फूटा गुस्सा, बोले हमें बेवकूफ बनाया गया

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया की ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने के बाद पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज इयान हीली ने टीम मैनेजमेंट और चयन प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला है। मिचेल मार्श की अगुआई वाली टीम को जिम्बाब्वे और श्रीलंका के खिलाफ लगातार हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद ग्रुप बी में जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मुकाबला बारिश से धुल जाने पर ऑस्ट्रेलिया आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

2021 की चैंपियन रही ऑस्ट्रेलियाई टीम इस बार उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। अभियान की शुरुआत से पहले ही तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड चोट के कारण बाहर हो गए थे। कप्तान मिचेल मार्श भी शुरुआती दो मुकाबलों में नहीं खेल पाए और श्रीलंका के खिलाफ वापसी करते हुए 54 रन बनाए, लेकिन टीम 181 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रही। कमजोर गेंदबाजी और असंतुलित संयोजन पूरे टूर्नामेंट में टीम की कमजोरी बनकर सामने आया।

एसईएन क्रिकेट पर बातचीत के दौरान इयान हीली ने करीब पांच मिनट तक टीम प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट प्रशंसकों को भ्रम में रखा गया। उनके अनुसार चयनकर्ताओं ने ताकतवर हिटर खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया और उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के अनुकूल तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजों को प्राथमिकता नहीं दी। हीली ने इस अभियान की तुलना इंग्लैंड की एशेज सीरीज में 1-4 की हार से करते हुए कहा कि जिस तरह वहां आत्मविश्वास हकीकत पर भारी पड़ा, वैसा ही यहां भी हुआ।

हीली ने कहा कि टीम चयन में संतुलन की कमी साफ दिखी। उन्होंने कप्तान मार्श के फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि बल्लेबाजी क्रम को लंबा करने के नाम पर ऐसे बदलाव किए गए जिनका कोई स्पष्ट तर्क नहीं था। उन्होंने विशेष रूप से ऑलराउंडर कूपर कॉनॉली के चयन पर नाराजगी जताई। हीली के मुताबिक कॉनॉली पिछले छह मैचों में दोहरे अंक तक नहीं पहुंचे थे, फिर भी उन्हें अहम मुकाबले में शामिल किया गया।

पूर्व विकेटकीपर ने कहा कि टीम में फिनिशर तो कई थे, लेकिन पारी की ठोस शुरुआत करने वाला कोई भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं दिखा। कैमरून ग्रीन, टिम डेविड और जोश इंग्लिस जैसे खिलाड़ियों को लगातार अलग-अलग स्थानों पर उतारने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ। हीली ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से चयन में ताकत और पावर गेम को ज्यादा तरजीह दी गई, जबकि परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक और धैर्य को नजरअंदाज किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि ग्लेन मैक्सवेल संन्यास लेते हैं तो कॉनॉली को भविष्य में मौका मिल सकता है, लेकिन फिलहाल उन्हें खुद को और निखारने की जरूरत है। हीली ने ऑस्ट्रेलियाई टी20 ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि शीर्ष स्तर पर फैसले लेने वाले लोग आत्मसंतुष्टि का शिकार हो गए।

ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम का शुरुआती दौर में बाहर होना क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह परिणाम चयन रणनीति, चोटों और परिस्थितियों के गलत आकलन का संयुक्त नतीजा है। हीली की कड़ी टिप्पणी ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बढ़ा दिया है और अब देखना होगा कि बोर्ड इस असफलता की समीक्षा कैसे करता है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है और आने वाले महीनों में टीम संयोजन और नेतृत्व को लेकर गंभीर मंथन की संभावना है।

 

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