ग्वालियर, 21 सितंबर 2026: कुशवाहा छात्रावास के भूमिपूजन समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध करने वाले युवाओं के दल को सिंधिया समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल पर ही लात घूसों से पीटा। कुर्सी पटक दी। दरअसल युवाओं की टोली ने सिंधिया को काले झंडे दिखाए थे, इसके बाद हिंसा शुरू हुई। इस एक सप्ताह में ग्वालियर संभाग में सिंधिया विरोध की दो घटनाएं हुई है। इससे पहले गुना में एक ग्रामीण युवक ने सिंधिया को अपने गांव की सड़क हेतु मांग पत्र देते हुए कहा था कि यदि चुनाव से पहले सड़क नहीं बनी तो वोट मांगने मत आना। इस बात से सिंधिया नाराज हो गए थे और वीडियो भी वायरल हुआ था। आईए जानते हैं कि युवाओं की टोली क्या मांग कर रही थी और उन्होंने सिंधिया को काले झंडे क्यों दिखाए:-
कुशवाहा समाज के कार्यक्रम में सिंधिया को मुख्य अतिथि क्यों बनाया: हरिओम कुशवाह
विरोध करने वाले हरिओम कुशवाह ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि काले झंडे दिखाने के बाद सिंधिया समर्थकों ने उनके साथ आए समाज के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला किया और मारपीट की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ FIR और सख्त कार्रवाई की मांग की है। हरिओम के मुताबिक, कुशवाहा समाज के छात्रावास के लिए जमीन पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समाज को आवंटित की थी। इसी जमीन पर छात्रावास का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उनका कहना है कि समाज के कार्यक्रम में समाज से जुड़े किसी नेता को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। उन्होंने नारायण सिंह कुशवाहा, ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा या समाज के अन्य जनप्रतिनिधियों को बुलाए जाने की बात कही। हरिओम ने स्पष्ट किया कि विरोध सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर था।
हमने काले झंडे दिखाए तो सिंधिया समर्थकों ने लाठी डंडों से पीटा
हरिओम ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सिंधिया समर्थकों ने उनके साथ आए लोगों से मारपीट की। उन्होंने लाठी-डंडों से हमला, कुर्सियां तोड़े जाने और कुछ लोगों के घायल होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने केवल सिंधिया को काले झंडे दिखाए थे। हरिओम ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हरिओम के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने पुलिस के TI से बात की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ FIR और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। विवाद के बाद पुलिस प्रदर्शन कर रहे लोगों को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस की ओर से FIR या अन्य कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं।