अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को लेकर कलेक्टरों को दिए निर्देश
भोपाल। समाज में वरिष्ठ नागरिकों के अमूल्य योगदान को नमन करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से आगामी 1 अक्टूबर को संपूर्ण मध्य प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा। राज्य शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
वर्ष 2026 की थीम गरिमा के साथ वृद्धावस्था वृद्ध नागरिकों के लिए देखभाल और समर्थन प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व पर केंद्रित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के जीवन को सुगम, स्वस्थ और सुरक्षित बनाना है। आयुक्त के.जी. तिवारी के अनुसार, इस अवसर पर जिलों में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शतायु सम्मान के तहत शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया जाएगा। निर्देष में कहा है कि बदलते दौर में बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के उपयोग हेतु विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्थानीय अस्पतालों के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें बीपी, शुगर और नेत्र जांच की निःशुल्क सुविधा मिलेगी।
पीढ़ियों का अंतर घटाने की पहल
वृद्धाश्रमों और अन्य स्थानों पर बुजुर्गों के लिए कैरम, शतरंज और गीत-संगीत जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। युवाओं और विद्यार्थियों को वरिष्ठ नागरिकों से जोड़ने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे नई पीढ़ी में उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़े। इसके अतिरिक्त माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियमश् के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ ही बुजुर्गों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु हेल्पलाइन नंबर एल्डरलाइन-14567 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।