पटवारी ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरा
भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद इसे प्रदेशव्यापी अभियान बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इंदौर में आयोजित कार्यक्रम ने छात्रों की समस्याओं को लेकर देश में नई बहस छेड़ी है। युवाओं की अप्रत्याशित भागीदारी का दावा करते हुए पटवारी ने कहा कि अब ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज मध्यप्रदेश के हर जिले तक पहुंचाई जाएगी।
पटवारी ने कहा कि इंदौर में हुए कार्यक्रम ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा है। उनके अनुसार, जिस तरह युवाओं ने कार्यक्रम में भागीदारी की, वह अपेक्षा से अधिक थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान केवल पार्टी के बैनर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें छात्रों और अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई किसी के इशारे पर हुई होगी। पटवारी ने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान प्रशासन को व्यवस्थाओं और धनराशि जमा कराने से जुड़े नियमों पर भी पुनर्विचार करना चाहिए। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मिमिक्री कलाकार को लेकर उठे विवाद पर पटवारी ने कहा कि मिमिक्री कलाकार मनोरंजन का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या किसी का अपमान करना नहीं था।
शिक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से उठाए सरकार
शिक्षा व्यवस्था को लेकर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार केजी से पीजी तक शिक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे उन्हें आगे बेहतर दिशा मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते ध्यान देने की अपील की।
छात्रों के मुद्दे भाजपा के लिए बनेंगे परेषानी का कारण
मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ बताए जाने पर पटवारी ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे छात्रों को झूठा कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संबंधित विधेयक लाया जाता है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। पटवारी ने शिक्षा, रोजगार, छात्र राजनीति और महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर उन्होंने कहा कि यह रवैया आगे चलकर भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।