2025-26 में 207 बच्चों को लिया गया गोद, लड़कियों को मिला ज्यादा अपनापन
भोपाल। प्रदेश में बच्चों को गोद लेने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 207 बच्चों को गोद लेकर परिवारों को सौंपा गया। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच प्रदेश में कुल 781 बच्चों को गोद लिया गया।
पांच साल के आंकड़ों में एक और खास बात सामने आई है। इस अवधि में लड़कों की तुलना में लड़कियों को अधिक परिवार मिले। कुल गोद लिए गए बच्चों में करीब 53.39 प्रतिशत लड़कियां और 46.61 प्रतिशत लड़के रहे। वर्ष 2022-23 को छोड़कर बाकी सभी वर्षों में लड़कों के मुकाबले लड़कियों को अधिक गोद लिया गया।
देश में नौवें स्थान पर रहा प्रदेश
वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में 207 बच्चों को गोद लिया गया। इस आंकड़े के साथ प्रदेश देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नौवें स्थान पर रहा। इस दौरान देशभर में कुल 4,603 बच्चों को गोद लिया गया। महाराष्ट्र और गुजरात इस मामले में सबसे आगे रहे। दोनों राज्यों को मिलाकर देश में हुए कुल गोद लेने के मामलों में करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
जागरूकता और बेहतर पहुंच का असर
प्रदेश में गोद लेने के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे लोगों में बढ़ती जागरूकता, गोद लेने की प्रक्रिया तक बेहतर पहुंच और सरकारी स्तर पर मिल रहे सहयोग को प्रमुख कारण माना जा सकता है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बच्चों को परिवार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में लगातार विस्तार हुआ है। वर्ष 2025-26 में दर्ज 207 गोद लेने के मामले इस अवधि का सबसे बड़ा आंकड़ा है।