Bhopal News: हल्द्वानी में शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च, पटवारी बोले- यह संविधान का अपमान

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 14 Aug 2026 10:55 PM IST

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण के विरोध में भोपाल में कांग्रेस ने जीतू पटवारी के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला। पटवारी ने इसे खरगे ही नहीं, बल्कि संविधान और सामाजिक सम्मान का अपमान बताया। युवा कांग्रेस ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर अजाक थाने में शिकायत भी दी।

Bhopal News: Congress holds a foot march in Haldwani protesting the 'purification' ritual; Patwari calls it an

पैदल मार्च - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल में शुक्रवार को हल्द्वानी की घटना के विरोध में कांग्रेस ने सत्याग्रह पैदल मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी नेता और कार्यकर्ता प्लेटिनम प्लाजा से रोशनपुरा चौराहे तक पैदल पहुंचे। मार्च में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि, पूर्व जनप्रतिनिधि, प्रदेश और जिला पदाधिकारियों के साथ विभिन्न मोर्चों, विभागों और प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता शामिल रहे।कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हवन कराया गया और गंगाजल छिड़ककर कार्यक्रम स्थल का कथित शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे खरगे के साथ-साथ सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
अंबेडकर प्रतिमा के सामने पटवारी ने लिया संविधान की रक्षा का संकल्प
मार्च के दौरान बोर्ड ऑफिस चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने जीतू पटवारी ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर निशाना साधा।पटवारी ने कहा कि खरगे का अपमान किसी एक व्यक्ति या कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान नहीं है, बल्कि यह संविधान के मूल अस्तित्व पर प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत और समाज को बांटने वाली सोच के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी।उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ने बाबा साहब अंबेडकर के संविधान की रक्षा का संकल्प लिया है। देश में प्रेम, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने के लिए संविधान की ताकत बनकर काम किया जाएगा।पटवारी ने हल्द्वानी की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों को एकजुट होकर ऐसी सोच का विरोध करना चाहिए।                                                                               हल्द्वानी में क्या हुआ था?
कांग्रेस के मुताबिक, 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को उसी स्थान पर हवन और गंगाजल छिड़ककर कथित शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई। 13 अगस्त को खरगे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से घटना की जांच का आश्वासन दिए जाने की बात कांग्रेस ने कही। इसी मामले को लेकर 14 अगस्त को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में सत्याग्रह पैदल मार्च निकालायुवा कांग्रेस ने थाने में भी दिया आवेदन
मामले में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनिकेत द्विवेदी और एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता विष्णु यादव ने अजाक थाने में आवेदन देकर स्वतंत्र जांच की मांग की है। आवेदन में पूछा गया है कि खरगे की सभा के बाद वास्तव में कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया गया था या नहीं। यदि ऐसा हुआ तो इसका निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। शिकायत में शुद्धिकरण में शामिल लोगों, आयोजकों और मंच प्रबंधन की भूमिका की जांच करने के साथ सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो और सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध सामग्री सुरक्षित रखने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी जांच की मांग की है कि इस कार्रवाई से किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति का सार्वजनिक अपमान या जातिगत पहचान के आधार पर उसकी गरिमा को ठेस तो नहीं पहुंची। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

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