बर्फबारी की पहली फुहार के साथ ही पहाड़ी राज्यों ने एक बार फिर सर्दी का स्वागत किया है। ऊंची चोटियों से लेकर घाटियों तक हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। शिमला में कड़ाके की ठंड के बीच एनसीसी कैडेट्स अनुशासन और जज्बे के साथ परेड करते नजर आए, तो उत्तराखंड और कश्मीर के पर्यटक स्थलों पर पर्यटक बर्फ में खेलते-कूदते, तस्वीरें खींचते और इस खुशनुमा मौसम का भरपूर आनंद लेते दिखे। मौसम की इस करवट ने पहाड़ों की खूबसूरती को और निखार दिया है, जिससे जनजीवन और पर्यटन-दोनों पर इसका खास असर देखने को मिल रहा है
बर्फबारी में घूमते सैलानी - फोटो : PTI
हिमाचल में बर्फबारी के बाद बढ़ीं दुश्वारियां, मनाली में हजारों सैलानी फंसे, चार एनएच समेत 683 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को हुई बर्फबारी और बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात से जहां यातायात ठप है, वहीं बिजली-पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मनाली में हजारों सैलानी फंस गए हैं, जबकि कई दुर्गम क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चुनौती बना हुआ है। मनाली-बंजार क्षेत्र में शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद रखने पड़े। कुल्लू जिले के भरमानी मंदिर मार्ग पर दो युवक बीते दो दिनों से फंसे हुए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। शुक्रवार को बर्फबारी के कारण चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 683 सड़कें प्रदेशभर में बंद हैं।
शिमला में बर्फबारी - फोटो : PTI
शिमला से किन्नौर का संपर्क कटा
शिमला से किन्नौर का संपर्क पूरी तरह कट गया है। मनाली-लाहौल मार्ग दूसरे दिन भी कुल्लू से कटा रहा। शिमला-रामपुर, आनी-कुल्लू, भरमौर-पठानकोट और मनाली-लेह नेशनल हाईवे पर शनिवार को वाहन आवाजाही ठप रही। राज्य में 5,775 ट्रांसफार्मर ठप हैं, जिससे कई क्षेत्रों में दो दिन बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी। शिमला के कई इलाकों में शुक्रवार रात ब्लैकआउट रहा। बर्फबारी के बाद पानी की 126 परियोजनाएं जम गई हैं। इससे हिमाचल के हजारों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। बर्फ पिघलाकर पानी का जुगाड़ करना लोगों की मजबूरी बन गया है। शिमला में भी शनिवार सुबह पाइपों में पानी जम गया। शहर में दोपहर बाद बस सेवाएं आंशिक रूप से शुरू हो सकीं। रोहतांग में पांच, चुराह में तीन फीट तक बर्फ गिरी, जबकि राजधानी शिमला के जाखू में तीन साल बाद डेढ़ फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई।
मनाली में बर्फबारी के बाद बर्फ से लकदक गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
तूफान से घरों की छतें उड़ीं
शिमला-नारकंडा, आनी-जलोड़ी जोत दो एनएच सहित दर्जनों ग्रामीण रूट ठप हैं। रामपुर डिपो से कुल्लू, मंडी, ननखड़ी सहित अधिकतर ग्रामीण रूटों पर बस सेवाएं शनिवार को बंद रहीं। किन्नौर के रोघी गांव में तूफान से भारी नुकसान है। तूफान से तीन घरों की छतें उड़ गईं। चंबा जिले में भारी बारिश और बर्फबारी के दूसरे दिन भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। पांगी-भरमौर की ऊपरी चोटियों में 152.4 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। भरमौर-पठानकोट हाईवे 14 घंटे फिसलन के चलते यातायात के लिए बंद रहा। पांगी में दूसरे दिन भी कुल्लू-मनाली और किलाड़ वाया जम्मू समेत पांगी के सभी मुख्य मार्ग यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए।
जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में हुई भारी बर्फबारी के बाद शनिवार दोपहर बाद मौसम खुलने से पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों ने राहत की सांस ली है। मनाली से पतलीकूहल तक नेशनल हाईवे में केवल फोर बाई फोर वाहन ही चल रहे हैं। ऐसे में मनाली में सैकड़ों सैलानी फंसे हैं। बर्फबारी के चलते सराज क्षेत्र के रघुपुर फोर्ट में फंसे 12 पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है।
बर्फबारी के बाद सड़कें बंद - फोटो : अमर उजाला
बर्फबारी से एचआरटीसी के 780 रूट बंद, 235 बसें रूटों में फंसी
भारी बर्फबारी के चलते हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। शनिवार को एचआरटीसी के चार मंडलों में कुल 780 रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि 235 बसें विभिन्न मार्गों पर फंसी रहीं। सैलानियों की सुविधा के लिए शिमला-दिल्ली, पतलीकूहल-दिल्ली, चंबा-दिल्ली, धर्मशाला-चंडीगढ़ रूटों पर सेवाएं बहाल कर दी हैं। सबसे अधिक सेवाएं शिमला मंडल में प्रभावित चल रही हैं, यहां 594 रूटों पर शनिवार को बस संचालन ठप रहा और 152 बसें रास्ते में फंसीं हैं। मंडी मंडल में 89 रूट बंद रहे और 47 बसें फंसीं, जबकि धर्मशाला मंडल में 88 रूटों पर सेवाएं निलंबित की गईं और 29 बसें प्रभावित हुईं। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन बस सेवाएं रोकी गई हैं।
रविवार को मौसम साफ, 26 से 28 तक फिर बारिश-बर्फबारी का यलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम साफ बने रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 26 से 28 जनवरी तक प्रदेश में फिर बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। 27 को उच्च व मध्य पर्वतीय जिलों में व्यापक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी और कांगड़ा जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। कई जिलों के लिए ओलावृष्टि, बिजली चमकने और अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है।
क्षेत्र बर्फबारी सेंटीमीटर में
रोहतांग दर्रा 150
शिंकुला दर्रा 150
कोकसर 120
कोठी 105
अटल टनल 100
दारचा 100
चुराह 91.44
सोलंगनाला 90
जलोड़ी दर्रा 90
सिस्सू 85
केलांग 75
कुफरी 66
मनाली 50
शिमला 40
डलहौजी 15.24
बांदीपोरा में बर्फीले तूफान से 100 मकानों को नुकसान, हाईवे नहीं खुला, हजारों वाहन फंसे
जम्मू-कश्मीर स्थित बांदीपोरा के सुंबल और तुलेल इलाकों में बर्फीले तूफान से करीब 100 मकानों को नुकसान पहुंचा है। तुलेल और गुरेज इलाकों सहित ऊपरी इलाकों के निवासियों को हिमस्खलन के जोखिम के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जम्मू संभाग के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भारी बर्फबारी जारी रही। सड़क पर फिसलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। इससे हजारों वाहन फंसे हुए हैं।
100 मकानों को हुआ नुकसान
बारामुला जिले के कई इलाकों में शुक्रवार शाम और शनिवार सुबह बर्फीले तूफान और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ। इससे इन इलाकों में मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। उपायुक्त इंदु कंवल चिब के मुताबिक जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है उनकी संख्या तकरीबन 100 है। उन्होंने बताया कि गुरेज के ऊपरी इलाकों में हिमस्खलन के आसार के मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील है कि वे जब तक सड़क दोबारा न खुले गुरेज की यात्रा करने से बचें।
सबसे ज्यादा 50.8 सेमी गुलमर्ग में हुई बर्फबारी, घाटी में सर्दी बढ़ी
पहाड़ों पर वीरवार रात से शुरू हुई बर्फबारी अगले दिन दोपहर तक चली। वहीं मैदानी इलाकों में शुक्रवार तड़के बर्फ पड़ी। श्रीनगर में शुक्रवार शाम को भी हल्की बर्फबारी हुई। बारिश ने भी मैदानी इलाकों को जमकर भिगोया। घाटी में सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 50.8 सेमी बर्फबारी गुलमर्ग में हुई।
वहीं सबसे ज्यादा बारिश बटोत में 116.8 मिमी दर्ज की गई। माइनस 12 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ गुलमर्ग सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर 27 जनवरी तक रहेगा। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कोकरनाग में 47 सेमी, पहलगाम में 46 सेमी, बटोत में 43 सेमी, भद्रवाह में 31 सेमी, बनिहाल में 22 सेमी, काजीगुंड में 10 सेमी बर्फबारी हुई।
वहीं उधमपुर में 68.8 मिमी, रामबन में 50 मिमी, भद्रवाह में 75.4 मिमी, कोकरनाग में 62 मिमी, काजीगुंड में 49 मिमी बारिश हुई है। 25 और 26 जनवरी की रात, 28 जनवरी की सुबह जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश हो सकती है। 27 जनवरी को कुछ जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान माइनस 4.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक है।
पहलगाम में अधिकतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान माइनस 7.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है, वहीं न्यूनतम तापमान माइनस 12.0 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है।
कश्मीर संभाग में न्यूनतम तापमान श्रीनगर एयरपोर्ट पर माइनस 3.2 डिग्री, कुपवाड़ा में माइनस 4.0 डिग्री, कोकरनाग में माइनस 6.2 डिग्री, पांपोर में माइनस 5.0 डिग्री, अवंतिपोरा में माइनस 4.2 डिग्री, बडगाम में माइनस 2.7 डिग्री, अनंतनाग में माइनस 2.9 डिग्री, बारामुला में माइनस 2.8 डिग्री, बांदीपोरा में माइनस 2.7 डिग्री, पुलवामा में माइनस 3.4 डिग्री, शोपियां में माइनस 7.1 डिग्री, गांदरबल में माइनस 3.6 डिग्री, सोनमर्ग में माइनस 10.5 डिग्री, जेथान राफियाबाद में माइनस 10.7 डिग्री और सोपोर में माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
जम्मू संभाग में न्यूनतम तापमान जम्मू में 4.5 डिग्री, जम्मू एयरपोर्ट पर 4.7 डिग्री, बनिहाल में माइनस 4.4 डिग्री, बटोत में माइनस 3.8 डिग्री, कटड़ा में 6.6 डिग्री, भद्रवाह में माइनस 3.5 डिग्री, कठुआ में 3.8 डिग्री, उधमपुर में 1.0 डिग्री, रामबन में माइनस 0.3 डिग्री, सांबा में 1.1 डिग्री, राजोरी में माइनस 0.8 डिग्री, पुंछ में 6.1 डिग्री, किश्तवाड़ में माइनस 1.1 डिग्री, रियासी में 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तराखंड के चोपता सहित कई पर्यटन स्थल सैलानियों से हुए गुलजार
उत्तराखंड के चोपता, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और गैरसैंण सहित कई क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आई है। शनिवार को मौसम खुलने के साथ ही लोग पर्यटक स्थलों का दीदार करने पहुंचे। बर्फ की चादर ओढ़े पहाड़ों और सफेद ढलानों पर पर्यटकों ने खूब आनंद लिया। विकासखंड के बेनीताल और कंथोलीसैंण में भारी संख्या में स्थानीय पर्यटक पहुंचे। कंथोलीसैंण कनुखल से करीब चार किमी की ऊंचाई पर स्थित बुग्याल है।