सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम अपलोड कर दिए। अब जिला निर्वाचन अधिकारी अदालत के निर्देशानुसार सूची डाउनलोड करेंगे और उसे पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित करेंगे।
तार्किक विसंगतियों में 2002 की मतदाता सूची से बच्चों के माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता और उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका ब्लॉक कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में शनिवार तक तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करे। कोर्ट ने कहा कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल हैं।