गाजा शांति योजना में शामिल होने के लिए भारत को न्योता। - फोटो : अमर उजाला
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इस्राइल-फलस्तीन के बीच स्थायी शांति लाने के लिए अमेरिका अलग-अलग देशों के नेताओं को 'गाजा बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल न्योता भेजा जा रहा है। इनमें वह देश भी शामिल हैं, जो पारंपरिक तौर पर या तो कूटनीतिक मामलों में तटस्थ रहे हैं या फिर दूसरे देशों में दखल की रणनीति का विरोध कर चुके हैं।
आखिर गाजा में इस्राइल-फलस्तीन के झगड़े को सुलझाने के लिए जिस बोर्ड ऑफ पीस का गठन करने का प्रस्ताव है, वह आखिर क्या है? इसका लक्ष्य क्या है? इसके काम करने और संचालन का तरीका क्या होगा? इसका कामकाज कौन देखेगा? भारत के लिए इसमें क्या भूमिका प्रस्तावित होगी? और आखिर में सबसे बड़ा सवाल- कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड ऑफ पीस के जरिए आने वाले समय में संयुक्त राष्ट्र की ताकत को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं? आइये जानते हैं...