डिजिटल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए राज्य मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर दो हफ्ते में फैसला लेने का आदेश दिया है। यह मामला भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणियों से जुड़ा है।
- दो हफ्ते की मोहलत: कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी (Sanction for Prosecution) पर 14 दिनों के भीतर फैसला करे और 'कंप्लायंस रिपोर्ट' दाखिल करे।
- सरकार की दलील खारिज: राज्य सरकार के वकील ने तर्क दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण फैसला नहीं लिया गया, जिसे बेंच ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जांच पूरी हो चुकी है और अब गेंद सरकार के पाले में है।
SIT की रिपोर्ट में क्या है?
अदालत द्वारा नियुक्त स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और सीलबंद लिफाफे में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की है।
- मुकदमे की सिफारिश: रिपोर्ट में जांच पैनल ने विजय शाह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (सांप्रदायिक नफरत फैलाना) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है।
- अन्य मामले: कोर्ट ने SIT को मंत्री द्वारा की गई कुछ अन्य कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी अलग से जांच करने और स्वतंत्र रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
मंत्री की 'माफी' पर CJI की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह के व्यवहार और उनकी 'ऑनलाइन माफी' के तरीके की कड़ी निंदा की।
देर हो चुकी है: चीफ जस्टिस ने कहा कि अब माफी मांगने के लिए बहुत देर हो चुकी है।
सच्चाई पर संदेह: इससे पहले 28 जुलाई, 2025 को कोर्ट ने कहा था कि मंत्री 'कोर्ट के सब्र का इम्तिहान' ले रहे हैं और उनकी नेकनीयती पर संदेह पैदा हो रहा है।
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर मंत्री कुंवर विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ 'अपमानजनक' भाषा का इस्तेमाल करते दिखे थे।
- कर्नल सोफिया कुरैशी: भारतीय सेना की अधिकारी, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं।
- हाई कोर्ट की फटकार: इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी मंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा को 'गटर की भाषा' बताते हुए उनकी कड़ी भर्त्सना की थी।