मंत्री विजय शाह के खिलाफ प्रतीकात्मक गिरफ्तारी
भोपाल। सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक गिरफ्तारी कर सरकार पर हमला बोला।
ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की जानकारी देश-दुनिया के सामने रखने वाली सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस ने भोपाल में अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया। भोपाल में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में एक कार्यकर्ता को मंत्री विजय शाह का मुखौटा पहनाकर, उसे हथकड़ी लगाकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री का मुखौटा पहने हुए व्यक्ति को हथकड़ी लगाकर पीसीसी से पांच नंबर स्टॉप स्थित पुलिस चौकी तक ले गए और वहां प्रतीकात्मक रूप से उसे पुलिस के हवाले किया। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग दोहराई।
सुप्रीम कोर्ट में सत्य की जीत
अमित शर्मा ने कहा कि जिस मंत्री को मध्य प्रदेश सरकार बचा रही थी, उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश अब सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री विजय शाह के घर गए, लेकिन वे वहां नहीं मिले। शर्मा ने कहा कि मंत्री उन्हें केरवा के जंगल में घूमते हुए मिले, जहां उन्हें प्रतीकात्मक रूप से गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंत्री विजय शाह को पद से नहीं हटाया गया तो कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।
नेम प्लेट पर पोती कालिख
युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके बंगले पर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। खत्री ने विजय शाह के बंगले पर अपने साथियों सहित जाकर मंत्री की नेम प्लेट पर कालिख पोत कर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विजय शाह मुर्दाबाद और और विजय शाह इस्तीफा दो के नारे लगाए। इस मौके पर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित खत्री ने कहा कि मंत्री विजय शाह ने देश की बेटी सोफिया कुरैशी का अपमान किया है। सोफिया ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया और उसे अपमानित करने वाले मंत्री को मध्य प्रदेश की मोहन सरकार बचाने में लगी हुई है।