MP में जिला कार्यालय में बैठकर MLA सुनेंगे भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतें, तुरंत कराएंगे निराकरण

मध्य प्रदेश भाजपा ने संगठन और सत्ता के बीच समन्वय मजबूत करने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिला मुख्यालयों पर भाजपा विधायक नियमित रूप से पार्टी कार्यालय ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra   Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 02:17:47 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 02:17:47 PM (IST  

    मध्य प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान का निकाला हल

HighLights

  1. जिला कार्यालयों में विधायक नियमित रूप से कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।
  2. जिला अध्यक्ष विधायकों के बैठने का साप्ताहिक कार्यक्रम तय करेंगे।
  3. विधायकों की उपलब्धता की जानकारी इंटरनेट मीडिया पर साझा होगी।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और संगठन-सत्ता के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। अब जिस तरह प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रतिदिन मंत्रियों की ड्यूटी लगाकर कार्यकर्ताओं की सुनवाई की जा रही है, उसी तर्ज पर जिला स्तर पर भी व्यवस्था लागू की जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि जिला मुख्यालयों पर भाजपा विधायक नियमित रूप से पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए पहल करेंगे। इस व्यवस्था से कार्यकर्ताओं को सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंच मिलेगी और संगठन की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी।

भाजपा ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह में अवकाश के दिनों को छोड़कर शेष दिनों के लिए जिले के विधायकों का पार्टी जिला कार्यालय में बैठने का कार्यक्रम तय करें। किस दिन और किस समय कौन विधायक कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी। इस कार्यक्रम का इंटरनेट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता अपनी समस्याएं रख सकें।

प्रदेश कार्यालय की तर्ज पर बनाई गई व्यवस्था

गौरतलब है कि सोमवार से शुक्रवार तक भाजपा प्रदेश कार्यालय में दो मंत्री प्रतिदिन दोपहर एक से तीन बजे तक कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। मंत्री एक-एक कर सभी की बातें सुनते हैं और समाधान का प्रयास करते हैं। अब तक 20 मंत्री इस व्यवस्था के तहत कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुके हैं।

समन्वय टोली के निर्णय का विस्तार

यह निर्णय सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के लिए गठित समन्वय टोली की बैठक में लिया गया था। अब इसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए विधायकों को भी जिले स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य स्तरीय समस्याएं शासन तक पहुंचेंगी

विधायक जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं की विधानसभा क्षेत्र या जिला स्तर की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को भेजकर त्वरित समाधान कराएंगे। वहीं, जिन मामलों का समाधान राज्य स्तर पर जरूरी होगा, उन्हें विधायक शासन में संबंधित विभाग के संज्ञान में लाएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समाधान तेज गति से हो सकेगा।


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