
इंदौर में संघ के कार्यक्रम पर दिग्विजय-सिंधिया में वाकयुद्ध।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच अदावत फिर सामने आई है। इस बार इंदौर के डेली कालेज में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डा. मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चर्चा में हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को संघ से इतना ही प्रेम है तो वह कार्यक्रम सिंधिया स्कूल में क्यों नहीं कराते। इस पर सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को भूलने की आदत है। जैसे 2020 में उन्हें याद दिलाया था, वैसा ही याद दिलाना पड़ता है। डेली कालेज के निर्माण में सिंधिया घराने का योगदान है। जवाब में दिग्विजय ने कहा कि डेली कालेज के निर्माण में सिंधिया घराने का योगदान अन्य दानदाताओं की तरह ही था।
यह कोई पहला अवसर नहीं है जब दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच अदावत सामने आई हो। इसके पहले भी जब दिग्विजय मुख्यमंत्री थे, तब उनकी माधवराव सिंधिया से खींचतान चलती थी।
ग्वालियर-चंबल अंचल में तो दिग्विजय और माधवराव की कांग्रेस अलग थी। दोनों के समर्थक अक्सर आमने-सामने आ जाते थे। केंद्रीय नेतृत्व तक शिकवा-शिकायतें
2020 में जब सिंधिया ने अपने समर्थक मंत्री-विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ी और कमल नाथ सरकार गिरी, तब भी यह आरोप लगाया गया कि दिग्विजय की वजह से वह अलग हुए। इसकी पृष्ठभूमि में 2019 में गुना संसदीय क्षेत्र से सिंधिया की हार और राज्यसभा में सुरक्षित सीट से न भेजा जाना भी माना जाता है।
हालांकि, दिग्विजय कई बार कह चुके हैं कि 2020 में जो भी था वह कमल नाथ और सिंधिया के बीच था। अब फिर जो खींचतान सामने आ रही है, उसका असर आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।