भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर को पार्टी ने दिया नोटिस
भोपाल। अपनी ही सरकार के तंत्र पर सवाल उठाना और केंद्रीय मंत्री के आवास के बाहर भूख हड़ताल का ऐलान करना धार जिले के धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर को भारी पड़ गया है। पार्टी ने विधायक के इन बगावती तेवरों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। संगठन ने इस कदम को घोर अनुशासनहीनता करार देते हुए विधायक से तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
दरअसल, धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर धामनोद नगर पालिका के सीएमओ की कार्यप्रणाली से खासे नाराज हैं। उनका आरोप है कि सीएमओ क्षेत्र की जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहे हैं और किसी भी शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है। अपनी इसी नाराजगी को जाहिर करने के लिए विधायक ठाकुर ने धार स्थित केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के सरकारी आवास के बाहर ही भूख हड़ताल पर बैठने की खुली घोषणा कर दी थी। अपनी ही सरकार के खिलाफ और एक केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर धरने के इस ऐलान से जिले से लेकर राजधानी तक की सियासत में भूचाल आ गया था, जिससे विपक्षी दलों को भी बैठे-बिठाए हमला बोलने का मौका मिल गया।
तीन दिन में मांगा जवाब
के तूल पकड़ते ही भाजपा प्रदेश संगठन सक्रिय हुआ और तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायक को नोटिस जारी करते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी है। नोटिस में कहा गया है कि विगत दिनों आपके द्वारा किया गया आचरण अत्यंत आपत्तिजनक और पार्टी अनुशासन के विपरीत है। अतः 3 दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण दें, अन्यथा आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सत्याग्रह पोर्टल पर प्रदेश से 2,281 समस्याएं, शिक्षा से जुड़े मामले सबसे ज्यादा
इंदौर से सर्वाधिक 210ं, डिंडोरी से महज 5, किसानों, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख
भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से शुरू किए गए ‘सत्याग्रह’ पोर्टल पर मध्यप्रदेश से लोगों की समस्याओं और शिकायतों की बड़ी संख्या सामने आई है। पोर्टल पर प्रदेश से आज मंगलवार तक कुल 2,281 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें इंदौर से 210, जबकि सबसे कम डिंडोरी से 5 दर्ज हुई हैं। प्रदेश से प्राप्त शिकायतों में शिक्षा से जुड़े मामले सबसे अधिक हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याएं, जातिगत भेदभाव, स्वास्थ्य, मजदूरों के अधिकार और जमीन के अधिकार से जुड़े मुद्दे भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं।
राहुल गांधी ने 2 अक्टूबर को ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे मुद्दा आधारित आंदोलनों और लोगों की समस्याओं को एक मंच पर लाना तथा उन्हें व्यापक स्तर पर सामने रखना है। पोर्टल पर देशभर से 30 हजार से अधिक शिकायतें/मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
षिक्षा से संबंधित पांच सौ से ज्यादा षिकायतें
पार्टल पर मध्यप्रदेश से प्राप्त 2,281 शिकायतों में सबसे ज्यादा 501 मामले शिक्षा से संबंधित हैं। इसके बाद 377 शिकायतें भ्रष्टाचार, 268 किसानों, 147 जातिगत भेदभाव, 134 स्वास्थ्य, 114 मजदूरों के अधिकार और 101 जमीन के अधिकार से जुड़ी हैं। महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित 65, पर्यावरण न्याय से 51 तथा बेरोजगारी और आजीविका से जुड़े 63 मामले भी पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 400 से ज्यादा अन्य मामले भी सामने आए हैं। यह आंकड़े संकेत देते हैं कि पोर्टल पर प्रदेश से आने वाली शिकायतों में शिक्षा और रोजगार जैसे रोजमर्रा के जनसरोकार के मुद्दों के साथ सामाजिक न्याय, कृषि और प्रशासन से जुड़े विषय भी प्रमुखता से दर्ज हो रहे हैं।
जबलपुर से 96, छिंदवाड़ा से 52 षिकायतें
प्रदेश में पोर्टल पर प्रतिक्रिया देने वालों में भोपाल और इंदौर के लोगों की संख्या प्रमुख बताई गई है। इंदौर से 210 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी है। इसके अलावा जबलपुर से 96, बालाघाट से 84, छिंदवाड़ा से 52, बैतूल से 39, कटनी से 36 और मंडला से 20 शिकायतें दर्ज हुई हैं। वहीं डिंडोरी से सबसे कम 5 शिकायतें सामने आई हैं।
कूनो-गांधीसागर के बाद अब दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दिखेंगे चीते
प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में आ रहे चीते
भोपाल। प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत एक नया ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य की सफलता के बाद अब श्वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्वश् चीतों का प्रदेश में तीसरा सुरक्षित आवास बनने जा रहा है।
वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कूनो से लाए गए दो चीतों को दुर्गावती टाइगर रिजर्व के बाड़े (बोमा) में विमुक्त करेंगे। इस कदम से न केवल चीता पुनर्स्थापना अभियान को नया विस्तार मिलेगा, बल्कि बुंदेलखंड अंचल में वन्यजीव पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। चीतों के अनुकूलन और सुरक्षा के लिए रिजर्व के अंदर लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष बाड़े (बोमा) और आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई हैं। वन विभाग द्वारा चीतों की 24 घंटे निगरानी, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही रिजर्व में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी एक संतुलित और सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है।
पर्यटन और बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
चीतों के आगमन से सागर और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रिसॉर्ट और होम-स्टे व्यवसाय में तेजी आएगी। स्थानीय गाइड, वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र को रोजगार मिलेगा। हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों सहित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है वीरांगना दुर्गावती
सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है (जिसे पहले नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के नाम से जाना जाता था)। 20 सितंबर 2023 को इसे आधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू के अलावा संकटग्रस्त भारतीय गिद्धों के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है।
चीता पुनर्स्थापना अभियान का बढ़ता दायरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से भारत में ऐतिहासिक चीता पुनर्स्थापना परियोजना की शुरुआत की थी। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों के बाद अब इस अभियान का दायरा मध्यप्रदेश के अन्य प्राकृतिक वन क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है, जिसमें वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
रील्स और लाइक्स के लिए गरबा पंडालों में ना जाए मुस्लिम युवा
मुस्लिम त्योहार कमेटी की युवाओं से अपील
भोपाल। राजधानी में 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले गरबा और नवरात्रि आयोजनों को लेकर मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम युवाओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान उर्फ शानू ने युवाओं से शांति, संयम और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने को कहा है।
कमेटी ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील गरबा या किसी धर्म के विरोध में नहीं है। इसका उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार व्यवहार, सामाजिक सद्भाव और कानून के पालन के प्रति जागरूक करना है। जीशान रहमान ने युवाओं से सोशल मीडिया को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज हासिल करने के लिए धार्मिक आयोजनों में अनावश्यक रूप से शामिल होने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, किसी कार्यक्रम की छोटी-सी वीडियो या प्रतिक्रिया भी कभी-कभी विवाद का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की गलती का असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ सकता है। इसलिए युवाओं को ऐसा कोई व्यवहार नहीं करना चाहिए, जिससे शहर का सामाजिक माहौल प्रभावित हो।
प्रशासन को भी लिखा पत्र
कमेटी ने शासन-प्रशासन को पत्र लिखकर 11 अक्टूबर से पहले विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी एवं चिकित्सा संस्थानों और छात्रावासों तक जरूरी जानकारी व अपील पहुंचाने का आग्रह किया है। कमेटी का कहना है कि समय रहते जागरूकता संदेश पहुंचने से अनावश्यक विवाद और गलतफहमियों को रोका जा सकता है।
अहिंसा, जीव दया और मानव कल्याण ही जैन दर्शन का मूल आधार
विधानसभा परिसर में पूज्य आचार्य समयसागर महाराज के सानिध्य में क्षमावाणी महोत्सव संपन्न
भोपाल। राज्य विधानसभा परिसर में परम पूज्य जैन आचार्य 1008 समयसागर महाराज के संघ सानिध्य में ऐतिहासिक सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जैन धर्म जहां अहिंसा का मार्ग प्रशस्त करता है, वहीं संपूर्ण मानव कल्याण की दिशा भी दिखाता है। मानव मात्र में हर जीव के प्रति दया और संरक्षण का भाव पल्लवित-पुष्पित होना चाहिए, यही अमर संदेश जैन समाज सदैव से देता आ रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कामना व्यक्त की कि आचार्य श्री के आशीर्वाद से जन-जन के मन में सकारात्मकता, देशभक्ति और संस्कारों का बीजारोपण हो, जिससे सभी राष्ट्र निर्माण के लिए कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर सकें। संबोधन के दौरान तोमर ने चंबल और ग्वालियर अंचल के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग भिंड-मुरैना को डकैतों के नाम से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यह जानकारी सर्वथा अपूर्ण और सतही है। वास्तव में इस अंचल का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और जैन संस्कृति से ओत-प्रोत है।
ग्वालियर-चंबल अंचल के जैन तीर्थ हैं आस्था के केन्द्र
भिंड जिले में स्थित यह तीर्थ सबसे प्रमुख और प्राचीन जैन तीर्थों में से एक है। मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र है। दतिया का सोनागिरि तीर्थ क्षेत्र जैन परंपरा के सबसे पवित्र और सुंदर सिद्ध क्षेत्रों में शुमार है। ग्वालियर किला न केवल स्थापत्य का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि वहां स्थित विशाल जैन प्रतिमाएं यह स्पष्ट दर्शाती हैं कि तत्कालीन शासकों पर जैन धर्म की गहरी छाप और प्रभाव था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस समृद्ध धार्मिक विरासत के कारण उनका अंचल के जैन समाज के बीच निरंतर जाना होता है और उनकी सदैव यही कोशिश रहती है कि पूज्य आचार्यों का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।
लोकतंत्र का मंदिर आचार्यों के चरणकमलों से हुआ पवित्र
भावुक होते हुए तोमर ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर (विधानसभा परिसर) में पूर्व में राष्ट्रसंत परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज का शुभागमन हुआ था, जिनके पावन चरणों से यह परिसर धन्य हुआ। आज पुनरू परम पूज्य आचार्य समयसागर महाराज का प्रत्यक्ष आशीर्वाद एवं सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इस सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य, आत्मिक शांति और आध्यात्मिक आनंद का विषय है।
साल में दो बार होगी पीएससी परीक्षा, शोधार्थियों की फेलोशिप बढ़कर 25 हजार हुई
सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026, मुख्यमंत्री ने कहा 12 नए मेडिकल कॉलेज, 12 स्किल यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में लगेगी फ्री कोचिंग क्लास
भोपाल। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के युवाओं और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक संध्या के दौरान सिंगर जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियों ने समां बांधा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि अब राज्य में हर साल नियमित परीक्षा के अलावा एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाएगी, यानी वर्ष में 2 बार पीएससी परीक्षा होगी। उच्च शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए शोधार्थियों को मिलने वाली राशि 16,000 से बढ़ाकर 25,000 प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग क्लासेस शुरू होंगी। सभी सरकारी कॉलेजों में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित होंगी। साथ ही 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी।
स्टार्टअप और रोजगार का रोडमैप
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आईटी पार्क (इंदौर, रीवा, उज्जैन) और ग्वालियर में टेलीकॉम जोन बनाए जा रहे हैं। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार युवाओं को 5 लाख की सब्सिडी दे रही है। साथ ही नए विचारों के प्रोत्साहन के लिए 5 करोड़ का आइडिया फंड और युवाओं के प्लेसमेंट के लिए विशेष एजेंसी नियुक्त करने की घोषणा की गई। कृषि क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, जिसके लिए भविष्य में किसानों को दिन में ही 10 घंटे बिजली दी जाएगी।
खेल और बुनियादी ढांचे का विस्तार
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है और हर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम का निर्माण होगा। एयर कनेक्टिविटी पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लंबे समय बाद तक प्रदेश में हवाई सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हुआ, लेकिन अब सरकार बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ा रही है।
कॉन्क्लेव की प्रमुख घोषणाएं एक नजर में
स्नातकोत्तर की छात्राओं को अब श्गांव की बेटीश् और प्रतिभा किरण योजना का लाभ मिलेगा, प्रदेश के 1 लाख युवाओं को कौशल विकास योजना से जोड़ा जाएगा, प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा, राष्ट्रीय सेवा योजना की 500 नई इकाइयां गठित की जाएंगी, वर्ष 2027 के सुझावों के लिए पोर्टल शुरू होगा, जिसमें युवा अपने विचार दे सकेंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में पुनः जीआईएस का आयोजन किया जाएगा।