उपभोक्ता मामले विभाग की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने 25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 तक की पंद्रह महीने की अवधि के दौरान 35 क्षेत्रों में 1,66,189 रिफंड से संबंधित शिकायतों का समाधान करते हुए उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की है।
ये रिफंड मुकदमा-पूर्व चरण में दिलाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों का रूख किए बिना समय पर राहत प्राप्त करने में सहायता मिली। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन देशभर के उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और समाधान प्राप्त करने हेतु एकल-सम्पर्क मंच के रूप में उभरी है।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिफंड संबंधी शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। इस क्षेत्र में 1,00,466 शिकायतों के परिणामस्वरूप 74 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 10 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता की गई। मई 2026 से जुलाई 2026 के दौरान ई-कॉमर्स क्षेत्र में दिए गए रिफंड की राशि एक रुपये से लेकर 35,83,790 रुपये तक रहीं। इसमें विभिन्न प्रकार और अलग-अलग मूल्य वाली उपभोक्ता शिकायतें शामिल थीं।
मुख्य बिन्दु :
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) एक समन्वय-आधारित व्यवस्था के माध्यम से कार्य करती है। इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं की शिकायतों को डिजिटल माध्यम से संबंधित कंपनियों को भेजा जाता है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान किया जा सकें। इस प्रक्रिया में उपभोक्ता की प्रतिक्रिया की निरंतर निगरानी और शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था भी शामिल है।
एनसीएच के माध्यम से प्राप्त रिफंड संबंधी शिकायतें देश के महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी प्राप्त हुई हैं। ये उपभोक्ता शिकायतों के निवारण के लिए इस मंच की देशव्यापी पहुंच को दर्शाता है।
एनसीएच के माध्यम से उपभोक्ता शिकायतों का समाधान
एनसीएच उपभोक्ताओं को अनेक माध्यमों से सुविधा प्रदान करता है
रष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को 17 भाषाओं में शिकायत निवारण की सुविधा प्रदान करती है। इसके लिए कई माध्यम उपलब्ध हैं-
25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 की अवधि के दौरान 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाने में सहायता किया जाना, मुकदमा-पूर्व चरण में सुलभ और समयबद्ध शिकायत निवारण उपलब्ध कराने में एनसीएच की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
यह पहल डिजिटल बाज़ारों और सेवा इकोसिस्टम में उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने में भी योगदान देती है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतें दर्ज कराने और समय पर समाधान प्राप्त करने के लिए एक सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होती है। उपभोक्ताओं को अपने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अपनी शिकायतों का निवारण प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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