राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति की धीमी रफ्तार का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री के टीकमगढ़ रवाना होने से पहले हुई इस मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने कैडर के अफसरों को नॉन-कैडर पदों पर नियुक्ति देने और प्रतिनियुक्ति के अवसर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। साथ ही, अधिकारियों ने वन टाइम एग्जेम्प्शन देने का सुझाव भी दिया।
पदोन्नति की धीमी प्रक्रिया पर चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में इस समय राज्य पुलिस सेवा के कुल 1,269 अधिकारी कार्यरत हैं। इन अधिकारियों के लिए तय आयु सीमा के भीतर भारतीय पुलिस सेवा में चयन होना ही पदोन्नति पाने का एकमात्र अवसर होता है। पदोन्नति की प्रक्रिया धीमी होने के कारण कई पात्र अधिकारी इस अवसर से वंचित रह जाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि नॉन-कैडर पदों पर पोस्टिंग और प्रतिनियुक्ति के उचित अवसर मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था में गतिशीलता आएगी और अधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दिया परीक्षण कराने का भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों के सभी प्रस्तावों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इन सुझावों का गहराई से परीक्षण कराएगी और इसके बाद उचित कार्रवाई करेगी। प्रतिनिधिमंडल में राज्य पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह और उपाध्यक्ष प्रणय नागवंशी के साथ रश्मि खर्या, मंजुलता खत्री, शैलेंद्र चौहान, संजय साहू, अरविंद दुबे, रूपेश द्विवेदी और प्रांजलि शुक्ला भी मौजूद थे।