प्रदेश स्तरीय कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, केंद्रीय मंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेताओं ने भोपाल में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ कर किया संबोधित
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- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के संदेश को जीवन में उतारकर सामाजिक समरसता को मजबूत करें 
- जातिवाद और छुआछूत की विसंगतियां दूर कर एकजुट समाज का निर्माण हमारा संकल्प
- संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष को मध्यप्रदेश में भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाएगी सरकार
- उज्जैन में संत शिरोमणि जी के नाम से गुरूद्वारा का कराया जाएगा निर्माण
- डॉ. मोहन यादव
- संत रविदास जी के समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी भाजपा 
- संत रविदास जी की सामाजिक समरसता भाजपा की विचारधारा का मूल आधार
- सात माह तक चलेगा समरसता अभियान, हर गांव, हर समाज तक पहुंचाएंगे संत रविदास जी का संदेश
- श्री हेमंत खण्डेलवाल
- संत रविदास जी की शिक्षाएं सामाजिक समरसता और समानता का मार्ग दिखाती हैं
- श्री दुर्गादास उइके
- संत रविदास जी के विचार और वाणी जन-जन तक पहुंचाना समरसता संकल्प अभियान का उद्देश्य
- श्री लाल सिंह आर्य
- गुरु रविदास जी की वाणी और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा
- श्री दुष्यंत गौतम

भोपाल, 18/08/2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य एवं वरिष्ठ नेता श्री दुष्यंत गौतम ने भोपाल में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय कलश वंदन यात्रा का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। तत्पश्चात् ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। समारोह के अंत में अतिथियों द्वारा कलश वितरण कर ध्वज दिखाकर कलश वंदन यात्रा को रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के संदेश को जीवन में उतारकर सामाजिक समरसता को मजबूत करें। जातिवाद और छुआछूत की विसंगतियां दूर कर एकजुट समाज का निर्माण हमारा संकल्प है। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष को मध्यप्रदेश में सरकार भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाएगी। सागर में 100 करोड़ से बनाए जा रहे संत रविदास जी के स्मारक व तीर्थस्थल को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से लोकार्पण कराने की तैयारी है। उज्जैन में संत शिरोमणि जी के नाम से गुरूद्वारा का निर्माण भी कराया जाएगा। इसक साथ ही मध्यप्रदेश में संत जी के जहां-जहां चरण पड़े हैं, उन्हें भी संवारा जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा संत रविदास जी के समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी। भाजपा की विचारधारा का मूल आधार ही संत रविदास जी की सामाजिक समरसता है। मध्यप्रदेश में सात माह तक चलेगा समरसता अभियान, संत जी का संदेश प्रदेश के हर गांव, हर समाज तक भाजपा कार्यकर्ता में पहुंचाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं हमें सामाजिक समरसता और समानता का मार्ग दिखाती हैं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास जी के विचार और वाणी जन-जन तक पहुंचाना समरसता संकल्प अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की वाणी और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने समारोह में उपस्थित संतों और समाजजनों पर पुष्पवर्षा कर सभी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रदेश शासन के मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने दिया। समारोह का संचालन पार्टी के प्रदेश महामंत्री व समरसता संकल्प अभियान के प्रदेश संयोजक डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने किया। 
संत रविदास जी का जयंती वर्ष श्रद्धा, भव्यता और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाएंगे- डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज का जीवन सामाजिक समरसता, भक्ति, कर्म और मानवता का अद्भुत संदेश देता है। उनकी 650वीं जयंती वर्ष को मध्यप्रदेश में श्रद्धा, भव्यता और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। सरकार संत रविदास जी के बताए मार्ग को समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। संत रविदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि कर्म और भक्ति दोनों को साथ लेकर चलना चाहिए। संत जी ने कठिन सामाजिक परिस्थितियों में भी मानवता, समानता और भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव और विसंगतियों के बीच समरसता का मार्ग दिखाया। आज आवश्यकता है कि जातिवाद, छुआछूत और मन में मौजूद अहंकार जैसी विसंगतियों को दूर कर समाज को एकजुट किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान के जिस भाव को आगे बढ़ाया है, वह संत रविदास जी के विचारों से भी जुड़ा हुआ है।
महापुरूषों के विचारों को आचरण में उतारने की आवश्यकता है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के साथ महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण और पंजाब में संत रविदास जी के नाम पर विमानतल का नामकरण सामाजिक समरसता और महापुरुषों के सम्मान की भावना को दर्शाता है। यह ऐसा समय है, जब हमें अपने महापुरुषों के विचारों को केवल स्मरण करने के बजाय उन्हें अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर सागर में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे संत रविदास जी से जुड़े स्मारक एवं तीर्थस्थल का लोकार्पण भव्य रूप से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास जी के प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हमारे बीच गंगा जल का आगमन भी संत रविदास जी की उस पवित्र भावना का प्रतीक है, जिसमें मन की पवित्रता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
भाजपा संगठन, सरकार और समाज मिलकर संत रविदास जी का जयंती वर्ष मना रहे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के पूरे कार्यक्रम में सरकार, समाज और भारतीय जनता पार्टी की सभी इकाइयां मिलकर भागीदारी करेंगी। यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, उनके कर्मयोग, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के सम्मान तथा सामाजिक एकता के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार भी संत-महात्माओं के मार्गदर्शन में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास और समरसता की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने सभी से संत शिरोमणि रविदास जी के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया। 
समरसता अभियान एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का व्यापक आंदोलन - श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर प्रारंभ किया जा रहा समरसता संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का व्यापक आंदोलन है। यह अभियान गुरु पूर्णिमा से प्रारंभ होकर संत रविदास जी की जयंती तक सात माह तक चलेगा। भाजपा कार्यकर्ता इस अभियान को प्रदेश के प्रत्येक जिले, मंडल और गांव तक लेकर जाएंगे। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज ने अपने समय में समाज में व्याप्त कटुता और भेदभाव को समाप्त कर समरसता, समानता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया था। संत जी ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का मार्ग दिखाया। हम सभी का दायित्व है कि उनके विचारों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन और सामाजिक व्यवहार में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता को निरंतर बढ़ावा देती है। पार्टी की मूल भावना ही समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान एवं अवसर देने की है। भाजपा कार्यकर्ता संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए जनता की सेवा और राष्ट्र के परम वैभव के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश के गांव-गांव तक ले जाएंगे समरसता का संदेश  
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत गुरु से और समापन भी गुरु के स्मरण के साथ होना संत रविदास जी की महान संत परंपरा के प्रति हमारी श्रद्धा को दर्शाता है। सात माह की अवधि में प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास जी के जीवन, दर्शन, संघर्ष और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान केवल प्रदेश स्तर पर आयोजित होकर समाप्त नहीं होना चाहिए। प्रत्येक कार्यकर्ता इसे जिले से मंडल, मंडल से शक्ति केंद्र और गांव-गांव तक लेकर जाएं। समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवाद स्थापित कर संत रविदास जी के समरसता के विचारों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने लगभग 650 वर्ष पूर्व समाज को जो संदेश दिया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने समाज को जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता तथा समानता के आधार पर एकजुट होने का मार्ग दिखाया। आज जब देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब सामाजिक एकता और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। भाजपा का स्पष्ट मत है कि जब समाज एकजुट और समरस होगा, तभी राष्ट्र मजबूत होगा। इसलिए भाजपा केवल राजनीतिक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने वाले संगठन के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं ने सदैव समाज को सही दिशा देने का कार्य किया है। भारतीय संस्कृति में संत परंपरा ने समाज को जोड़ने, बुराइयों को दूर करने और मानवता का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संत रविदास जी इसी महान परंपरा के ऐसे संत थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज को तोड़ने के बजाय जोड़ने का काम किया।
समरसता संकल्प अभियान विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है - श्री दुर्गादास उइके
केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के संदेशवाहक, मानवता के उपासक और सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक थे। उन्होंने अपनी वाणी और जीवन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं और मनुष्य की वास्तविक महानता उसके आचरण, चिंतन एवं चरित्र से होती है। सामाजिक समरसता केवल शब्द नहीं, बल्कि भाजपा का संकल्प है। समरसता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को जाति या आर्थिक स्थिति के आधार पर छोटा न समझा जाए और एक-दूसरे के सम्मान को अपना सम्मान माना जाए। गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ उनके विचारों और वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। उन्होंने कहा कि कलश वितरण के माध्यम से गुरु रविदास जी का प्रेरक संदेश प्रदेश के प्रत्येक जिले और जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
संत रविदास जी ने मानव कल्याण और समानता का संदेश दिया - श्री लाल सिंह आर्य
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, कर्म की प्रधानता और समानता का संदेश दिया। उनकी 650वीं जयंती मनाने का उद्देश्य केवल जन्म जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और वाणी को जन-जन एवं गांव-गांव तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। यह केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के संकल्प को समाज तक पहुंचाने का महाअभियान है। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को काशी की पावन भूमि से हुई। देशभर में 51 हजार स्थानों पर ‘समरसता दीप’ प्रज्ज्वलित किए गए तथा संत संपर्क अभियान के माध्यम से विभिन्न संप्रदायों के संतों से संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। कलश वंदन अभियान के तहत संत रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से पूजित कलश प्रदेश के जिलों और मंडलों तक पहुंचाए जाएंगे। जिला मुख्यालयों पर कलश वितरण के बाद मंदिरों में विधि-विधान से कलश स्थापित कर पूजन, भजन एवं संत रविदास जी के जीवन और विचारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अगस्त को पूरे मध्यप्रदेश में कलश वंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मंडल और पंचायत स्तर तक कलश की शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। अभियान के अगले चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रावासों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में युवाओं के बीच संत रविदास जी के जीवन और विचारों को पहुंचाया जाएगा कि अभियान के अंतर्गत संत संपर्क, कलश वंदन, छात्रावास संपर्क और समरसता यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से निकलने वाली उपयात्राएं मुख्य यात्रा में शामिल होंगी। यह सामाजिक समरसता और समाज को जोड़ने का संकल्प है, जो भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संतों-महापुरूषों के विचारों को जन-जन तक पहुचाया जा रहा - श्री दुष्यंत गौतम
भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान एवं वंदन कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा संतों-महापुरूषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह आयोजन भी इसी दिशा में बड़ा कदम है। संत रविदास जी ने सदियों पहले समाज को समानता, एकता और सद्भाव का संदेश देकर जाति-पंथ के भेदभाव का विरोध करते हुए कर्म की श्रेष्ठता को समाज के सामने रखा। भाजपा की विचारधारा उन सभी संतों और महापुरुषों के योगदान का सम्मान करती है, जिन्होंने देश की संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से कलशों को प्रदेश के जिलों, मंडलों तथा मंदिरों तक पहुंचाकर संतों एवं समाज के प्रमुख लोगों के माध्यम से गुरु रविदास जी की वाणी और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। संत रविदास जी के विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक कार्यकर्ताओं को अपनी भूमिका निभानी होगी।
समारोह के दौरान मंच पर केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, मध्यप्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री राकेश सिंह, श्री प्रहलाद सिंह पटेल, श्री विजय शाह, श्री तुलसीराम सिलावट, श्री गोविंद सिंह राजपूत, श्री राकेश शुक्ला, श्री इंदर सिंह परमार, श्री दिलीप जायसवाल, श्री गौतम टेटवाल, श्री लखन पटेल, श्री नारायण सिंह पंवार, श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, श्री दिलीप अहिरवार, श्रीमती राधा सिंह, पार्टी के उपाध्यक्ष व विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, सांसद श्री उमेशनाथ महाराज, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री भगवान सिंह परमार, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री कैलाश जाटव, विधायक श्री प्रदीप लारिया एवं जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति मंचासीन रहे।

                                                                                                                    (आशीष उषा अग्रवाल)
                                                                                                                              प्रदेश मीडिया प्रभारी


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