लाडली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा, सरकार देगी 250 रूपए का शगुन

  राजेंद्र पराशर सोम  17 अगस्त 
 लाडली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा, सरकार देगी 250 रूपए का शगुन
योजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का अध्ययन भी कराएगी सरकार
भोपाल। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाडली बहनों को विशेष शगुन देने जा रही है। हर माह मिलने वाली नियमित वित्तीय सहायता के अतिरिक्त इस बार बहनों के खातों में रक्षाबंधन के उपहार स्वरूप 250 की अतिरिक्त राशि अंतरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा करेंगे। इस अवसर पर योजना की 39वीं किस्त के 1500 के साथ रक्षाबंधन शगुन के 250 को मिलाकर प्रत्येक पात्र महिला को कुल 1750 की राशि प्राप्त होगी। राज्य में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार अब तक इस योजना की 38 किस्तें जारी कर चुकी है, जिसके तहत कुल 61 हजार करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे बहनों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। यह लगातार तीसरा अवसर है जब मोहन यादव सरकार रक्षाबंधन पर बहनों को अतिरिक्त शगुन राशि प्रदान कर रही है। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी एक बार रक्षाबंधन पर 250 का शगुन दिया गया था।
सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का होगा अध्ययन
हर माह लगभग 1800 करोड़ की भारी-भरकम राशि के आवंटन को देखते हुए राज्य सरकार अब योजना के वास्तविक प्रभावों का व्यापक अध्ययन कराने जा रही है। इस अध्ययन के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि इस वित्तीय सहायता से महिलाओं के जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्या बदलाव आया है। इसके साथ ही इस बात का भी आंकलन किया जाएगा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग किस प्रकार कर रही हैं और इससे उन्हें स्वरोजगार या आत्मनिर्भरता की दिशा में कितनी मदद मिली है।
 नियुक्ति की मांग को लेकर डीपीआई कार्यालय पर 15 दिवसीय धरना शुरू
योग्यता पूरी करने वाले उम्मीदवारों को पात्र मानने की उठाई मांग
भोपाल। मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती 2025 में डीईएलईडी . अंतिम वर्ष के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद अब सड़कों पर आ गया है। भर्ती परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन पत्र में उल्लेखित नियम-49 के कड़ाई से पालन की मांग को लेकर 1000 से अधिक प्रभावित चयनित अभ्यर्थी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय  कार्यालय, गौतम नगर के सामने 15 दिवसीय शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर से चयनित अभ्यर्थी जुट रहे हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के ऑनलाइन आवेदन में दिए गए नियम-49 के तहत अंतिम वर्ष में अध्ययनरत उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने की स्पष्ट अनुमति दी गई थी। नियम में प्रावधान था कि आवश्यक शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज सत्यापन की तिथि तक प्रस्तुत किए जाने होंगे। अभ्यर्थियों ने इसी आधार पर परीक्षा दी और अब उनका डीईएलईडी का अंतिम परिणाम भी घोषित हो चुका है। ऐसे में सत्यापन की तिथि तक योग्यता पूरी करने वाले सभी चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जानी चाहिए।
25 अगस्त की कट-ऑफ तारीख पर विरोध
चयनित उम्मीदवारों की मुख्य आपत्ति शैक्षणिक योग्यता के लिए तय की गई 25 अगस्त 2025 की कट-ऑफ तारीख पर है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब आवेदन के समय अंतिम वर्ष के छात्रों को अवसर दिया गया था, तो बाद में कट-ऑफ तारीख की बाध्यता लगाकर उन्हें प्रक्रिया से बाहर करना अन्यायपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से मांग की है कि कट-ऑफ तारीख पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार ने दस्तावेज सत्यापन की तिथि को आधार नहीं बनाया, तो उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन और अधिक तीव्र होगा।
  ट्विशा शर्मा मौत मामला, सीबीआई ने विशेष अदालत में दाखिल की चार्जशीट
आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना की धाराएं शामिल
भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सोमवार, 17 अगस्त को विशेष अदालत में अहम सुनवाई हुई। अदालत के सख्त निर्देशों के अनुपालन में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले से जुड़ी 636 पन्नों की फाइनल रिपोर्ट/चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है। इससे पहले, अदालत ने 11 अगस्त को हुई सुनवाई में सीबीआई को आज तक जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
सीबीआई द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, मृतका ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप तय किए गए हैं। चालान में दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता  की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मामले में दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी जोड़ी गई हैं।
अभी जारी रहेगी मामले की जांच
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि मामले की समग्र जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। फिलहाल अब तक की संकलित जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी गई है। शाम 5 बजे ट्विशा के परिजनों और आरोपी पक्ष की ओर से गिरिबाला के वकील को चार्जशीट की आधिकारिक कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
अध्ययन कर रहे हैं परिजन
सीबीआई द्वारा लंबी चार्जशीट दाखिल किए जाने पर मृतका के भाई आशीष शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अदालत में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की है, जिसके हर पन्ने का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। इसका अध्ययन करने के पश्चात उनके वकील इस पर आगे की चर्चा करेंगे। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच का पूरा ब्योरा दर्ज किया है।
  भविष्य बचाने सड़कों पर उतरे नर्सिंग छात्र, नीलम पार्क में किया प्रदर्शन
लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
भोपाल। राजधानी के नीलम पार्क में सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। कॉलेजों की मान्यता और हाईकोर्ट में लंबित अदालती प्रक्रियाओं के कारण पिछले छह वर्षों से मानसिक और शैक्षणिक तनाव झेल रहे छात्रों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि फर्जीवाड़े और गलत मान्यताओं के खेल में निर्दाेष विद्यार्थियों का क्या कसूर है? परीक्षाएं न होने, नतीजे अटकने, डिग्री व रजिस्ट्रेशन नंबर न मिलने और छात्रवृत्ति में भारी देरी के चलते हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। छात्र नेताओं सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अब तक केवल मौखिक आश्वासनों से उन्हें बहलाया जाता रहा है। इस बार जब तक शासन-प्रशासन की ओर से मांगों का समयबद्ध और लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक वे नीलम पार्क से नहीं हटेंगे। डिग्री और रजिस्ट्रेशन न होने के कारण छात्र न तो किसी अस्पताल में नौकरी के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हैं।
आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगें
हाईकोर्ट में लंबित नर्सिंग मामले की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष बेंच बनाकर छात्रों के हित में अंतिम फैसला जल्द से जल्द सुनाया जाए, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना किसी विलंब के एक साथ कराई जाएं, सत्र 2020-21 के छात्रों को दिसंबर 2026 तक हर हाल में डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदान किया जाए, विद्यार्थियों की बकाया छात्रवृत्ति जारी कर उससे जुड़ी सभी तकनीकी समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जाए।
भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रदेश के 6 नेताओं को मिली जिम्मेदारी
राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को बनाया राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी
भोपाल।  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। पार्टी मुख्यालय द्वारा जारी अधिकृत सूची के अनुसार यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
घोषित की गई नई टीम में मध्य प्रदेश के संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता देते हुए छह प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से नवाजा गया है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। नितिन नवीन की इस नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का कद और प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। पार्टी के इस नए विस्तार में मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय, जातिगत और सांगठनिक अनुभवों का संतुलन स्पष्ट रूप से झलकता है, जिससे आगामी सांगठनिक अभियानों में प्रदेश की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
किसे मिली क्या जिम्मेदारी
लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): ग्वालियर-चंबल अंचल के वरिष्ठ नेता और पूर्व में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके लाल सिंह आर्य संगठन में दलित समाज के बड़े चेहरे के रूप में जाने जाते हैं।
गजेंद्र सिंह पटेल (राष्ट्रीय महामंत्री): मालवा-निमाड़ अंचल के सांसद गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। उनके पास आदिवासी क्षेत्रों में व्यापक संगठनात्मक कार्य का अनुभव है।
कविता पाटीदार (राष्ट्रीय मंत्री):राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार पूर्व में प्रदेश संगठन महामंत्री रह चुकी हैं। वे संगठन में महिला और ओबीसी वर्ग के सशक्त प्रतिनिधित्व का प्रमुख चेहरा हैं।
विष्णुदत्त शर्मा (संयोजक, प्रकोष्ठ संकुल): खजुराहो सांसद और प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास बूथ प्रबंधन और व्यापक संगठनात्मक कार्य का लंबा अनुभव है।
बंशीलाल गुर्जर (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा): मंदसौर निवासी और वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर को पदोन्नत कर किसान मोर्चा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
आशीष उषा अग्रवाल (राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक): ग्वालियर निवासी और प्रदेश भाजपा के वर्तमान मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल को केंद्रीय मीडिया टीम में सह-संयोजक बनाया गया है।
तरुण चुघ (राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी): मूल रूप से पंजाब के निवासी और वर्तमान में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी का प्रभार सौंपा गया है।
 युवा कांग्रेस ने की बेहतर भोपाल अभियान की शुरुआत
नागरिक समस्याओं के समाधान का संकल्प
भोपाल। शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार और आम नागरिकों की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए युवा कांग्रेस ने सोमवार को बेहतर भोपाल अभियान का आगाज़ किया। यह पहल अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी बेहतर सिटी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत भोपाल के प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले तक पहुंचने की योजना तैयार की गई है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सीधा संवाद करना है। कार्यकर्ता विभिन्न वार्डों में पहुंचकर स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे।  नागरिकों द्वारा बताई गई समस्याओं को व्यवस्थित रूप से लिखित रूप में दर्ज किया जाएगा। तैयार किए गए मांग-पत्रों को नगर निगम, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्तुत कर समयबद्ध समाधान की मांग की जाएगी।
उठाए जाने वाले मुद्दे
सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और कचरा उठाव, यातायात, पार्किंग, बस स्टैंड, सार्वजनिक शौचालय, पार्क एवं खेल मैदान और सरकारी स्कूल, अस्पताल और पट्टा-आवास योजनाएं।
पारदर्शिता और कार्रवाई पर जोर
युवा कांग्रेस नेता गोपील कोटवाल ने बताया कि भोपाल की जनता लंबे समय से अनेक मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद समस्याओं को केवल चर्चा तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि शिकायतों के निराकरण की स्थिति को भी समय-समय पर जनता के सामने सार्वजनिक किया जाएगा।

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