‘दिमागी नक्सल’ पर सियासी संग्राम: चिदंबरम बोले- ‘मुझे गर्व है’; पीएम मोदी ने सावधान रहने के लिए कहा था

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 16 Aug 2026 12:46 PM IST

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा, 'मुझे ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है।'चिदंबरम की यह टिप्पणी मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने देश को ‘दिमागी नक्सलियों’ के बारे में आगाह किया था।

विस्तार

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ संबंधी टिप्पणी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर चेताया था और कहा था कि उनके वैचारिक समर्थक व्यवस्था में घुसपैठ कर नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।


PM मोदी के बयान के बाद चिदंबरम का पलटवार
चिदंबरम की यह टिप्पणी मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने देश को ‘दिमागी नक्सलियों’ के बारे में आगाह किया था। मोदी ने आरोप लगाया था कि ऐसे लोग सिस्टम में घुसपैठ कर चुके हैं और नीतियों में हेरफेर करके समाज के लिए खतरा बने हुए हैं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से उन्हें 'पहचानने और अलग-थलग करने' की अपील भी की थी।
'सामाजिक न्याय की मांग करना क्या दिमागी नक्सल है?'
‘दिमागी नक्सल’ विवाद पर पीएम मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जो लोग उनका विरोध करते हैं, उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कहा जाता है। इन ‘दिमागी नक्सलियों’ ने जातिगत जनगणना की मांग की थी। चार साल तक वे कहते रहे कि जातिगत जनगणना नहीं होगी। फिर 30 अप्रैल 2025 को उन्होंने घोषणा की कि जातिगत जनगणना कराई जाएगी। जो भी सवाल उठाता है या उन्हें चुनौती देता है, उसे किसी न किसी नाम से पुकार दिया जाता है। क्या सामाजिक न्याय की मांग करना ‘दिमागी नक्सल’ है?
लाल किले से PM मोदी ने नक्सलवाद को लेकर चेताया
लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश जंगलों में सक्रिय सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने में सफल रहा है, लेकिन इसके वैचारिक समर्थक हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने के अवसर तलाश रहे हैं।
 
‘माओवादी सोच वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में जगह बनाई’
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए चिदंबरम ने एक्स पर लिखा, 'मुझे ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है!' अपनी टिप्पणी में मोदी ने कहा था, 'वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी। वे सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर काम करते थे और सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित करते थे।'

PM ने कहा- चुनौती को कम नहीं आंक सकते
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनौती को कम करके नहीं आंकना चाहिए और इससे निपटने के लिए पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दशकों तक चले नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लाखों युवाओं के जीवन और उनके सपनों को बर्बाद कर दिया। इस संघर्ष में 3,500 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जो युद्ध में मारे गए सैनिकों की संख्या से भी अधिक है

‘नक्सलवाद ने भारत के बड़े हिस्से को अपनी गिरफ्त में रखा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने बंदूक के दम पर भारत के एक बहुत बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को अपनी गिरफ्त में ले रखा था। 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री ने कहा था, 'दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म किया जाना चाहिए। नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। उन्होंने अनगिनत माताओं के बेटों को छीन लिया, परिवारों को तबाह कर दिया और माता-पिता के सपनों को चकनाचूर कर दिया।' आज मुझे खुशी है कि नक्सली और माओवादी हिंसा खत्म हो रही है। जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं और खून-खराबा आम बात थी, वहां अब विकास, भरोसे और प्रयासों का तिरंगा लहरा रहा है, क्योंकि ये इलाके नक्सलवाद से मुक्त हो गए हैं।
 

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