नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर विजय शंकर लंका प्रीमियर लीग (LPL) में अपनी धीमी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं. जाफना किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उनकी टीम कैंडी रॉयल्स को अंतिम ओवर में जीत के लिए 22 रन की जरूरत थी. क्रीज पर अनुभवी बल्लेबाज विजय शंकर मौजूद थे और उनसे विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, लेकिन वह छह गेंदों में एक भी रन नहीं बना सके. नतीजा यह रहा कि अंतिम ओवर मेडन रहा और कैंडी रॉयल्स को 21 रन से हार का सामना करना पड़ा.
जाफना किंग्स और कैंडी रॉयल्स के बीच खेले गए लंका प्रीमियर लीग के 18वें मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए जाफना किंग्स ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 221 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम के लिए कामिल मिशारा ने 49 और चमिंदु विक्रमसिंघे ने 43 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं. कैंडी रॉयल्स की ओर से वानिंदु हसरंगा सहित गेंदबाजों ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से नहीं रोक सके.
222 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैंडी रॉयल्स ने भी संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी की और मुकाबले में अंत तक बनी रही. पवन संदेश ने 48 रन बनाकर टीम को जीत की उम्मीद दिलाई. हालांकि लगातार विकेट गिरने के कारण दबाव बढ़ता गया और अंतिम ओवर तक टीम को जीत के लिए 22 रन की दरकार थी. उस समय क्रीज पर विजय शंकर मौजूद थे और टीम की सारी उम्मीदें उन्हीं पर टिकी थीं.
जाफना किंग्स की ओर से अंतिम ओवर तेज गेंदबाज दिलशान मधुशंका ने फेंका. उन्होंने बेहद सटीक और अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विजय शंकर को पूरे ओवर में एक भी रन बनाने का मौका नहीं दिया. छह गेंदों तक शंकर कोई रन नहीं बना सके और ओवर की अंतिम गेंद पर मधुशंका ने उन्हें आउट भी कर दिया. इस तरह अंतिम ओवर मेडन रहा और जाफना किंग्स ने मुकाबला 21 रन से अपने नाम कर लिया.
विजय शंकर ने इस मैच में 21 गेंदों का सामना करते हुए 25 रन बनाए. हालांकि अंतिम ओवर में उनका एक भी रन नहीं बना पाना टीम की हार का बड़ा कारण माना जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी उनकी इस पारी को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा रही.
गौरतलब है कि विजय शंकर ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. इसके बाद वह लंका प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं. लेकिन इस मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और कैंडी रॉयल्स को जीत के बेहद करीब पहुंचकर हार का सामना करना पड़ा.
दूसरी ओर, दिलशान मधुशंका की अंतिम ओवर की गेंदबाजी मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. उन्होंने दबाव की स्थिति में न केवल मेडन ओवर डाला, बल्कि आखिरी गेंद पर विजय शंकर का विकेट लेकर जाफना किंग्स की जीत भी सुनिश्चित कर दी. उनके इस प्रदर्शन की क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने जमकर सराहना की.