CJP Sansad March: पूरे दिन कब-क्या हुआ, जंतर-मंतर से संसद तक हर मोड़ की कहानी; यहां जानिए पूरी टाइमलाइन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Mon, 20 Jul 2026 08:26 PM IST

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से हिंसा में शामिल कई उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी का वीडियो भी शेयर किया है।

Violence during CJP sansad march Over 50 security personnel including 10 senior officers injured

पत्थरबाजी करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाल

राजधानी में आज हुई कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के दौरान हुई उपद्रव में सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री) के जवान घायल हो गए हैं। घायलों में आईपीएस और दानिप्स कैडर के अधिकारियों सहित लगभग 10 वरिष्ठ पुलिस अफसर भी शामिल हैं।

Violence during CJP sansad march Over 50 security personnel including 10 senior officers injured

घायल सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला

उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज होंगी कई एफआईआर
उपद्रव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की इस घटना को दिल्ली पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आज हुए उपद्रव और पत्थरबाजी के मामले में कई अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं।

Violence during CJP sansad march Over 50 security personnel including 10 senior officers injured

पत्थरबाजी करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला

हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी, वीडियो फुटेज से होगी पहचान
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से हिंसा में शामिल कई उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी का वीडियो भी शेयर किया है। इसके अलावा उपद्रव के और सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

Violence during CJP sansad march Over 50 security personnel including 10 senior officers injured

घायल प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला

अभिजीत दीपके का मारपीट का आरोप, पुलिस ने किया खंडन
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। उनके साथ मौजूद गीतांजलि जे. आगमो ने भी पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लोग किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अफवाहों, गलत व अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। दिल्ली में शांति व व्यवस्था बनाए रखने में वह पुलिस का सहयोग करें।

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प्रदर्शनकारी को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

जंतर मंतर पहुंचे कई नेता
प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए सपा सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आप नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी मौके पर पहुंचे। अभिनेत्री शबाना आजमी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके समेत आइसा के छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

Violence during CJP sansad march Over 50 security personnel including 10 senior officers injured

केंद्रीय मंत्री नड्डा से प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
काकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब दस मिनट तक चली बातचीत में सीजेपी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपा। बाद में सौरभ दास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद आशुतोष रांका के साथ उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर लगभग 10 मिनट तक मुलाकात की। हमने अपनी मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन उन्हें सौंपा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस बीच सरकार के भीतर इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। इस संबंध में प्रक्रिया जारी है। वहीं केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर लिखा, सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था। सुबह 10:50 से उनसे बातचीत हो रही है। सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई। फिर करीब चार बजे लिखित याचिका दी। मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वह अपने धरने का समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।

जंतर-मंतर प्रदर्शन: गूगल का कनेक्शन कटा, भूल भुलैया बनी लुटियन दिल्ली; नहीं बने कैब के बिल, ऑनलाइन पेमेंट ठप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Mon, 20 Jul 2026 06:53 PM IST

इंटरनेट बंद होने का सीधा असर एप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाओं पर भी पड़ा। नई दिल्ली पहुंचते ही कई यात्राओं का किराया मोबाइल पर अपडेट नहीं हुआ और बिल जनरेट नहीं हो सका

Internet suspended in New Delhi Jantar Mantar protest directions Google Maps stopped working

नई दिल्ली में इंटरनेट बंद होने से सब हुए परेशान - फोटो : अमर उजाला

इंटरनेट बंद होने का सबसे बड़ा असर उन पुलिसकर्मियों पर पड़ा, जिन्हें सोमवार को कानून व्यवस्था संभालने के लिए नई दिल्ली बुलाया गया था। जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के बीच मंडी हाउस से करोल बाग और मंदिर मार्ग तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि दूसरे जिलों से ड्यूटी पर आए कई पुलिसकर्मी गूगल मैप नहीं खोल सके और अपनी तैनाती वाली जगह तक पहुंचने के लिए घंटों भटकते रहे। आखिरकार उन्हें लोगों से रास्ता पूछना पड़ा और कागज पर लिखे दिशा-निर्देश के सहारे ड्यूटी स्थल तक पहुंचना पड़ा

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ड्यूटी पर जाते सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला

दो पुलिस वाले पूछ-पूछकर ड्यूटी स्थल तक पहुंचे
ऐसे ही दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बन रहे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के पास लगाई गई थी। उनके पास ड्यूटी रोस्टर था, लेकिन उसमें केवल तैनाती स्थल का नाम लिखा था। इंटरनेट बंद होने से वे गूगल मैप नहीं चला सके। गोल मार्केट से पंडित पंत मार्ग तक भटकने के बाद उन्होंने ऑटो चालकों से रास्ता पूछा, लेकिन उन्हें भी इस नई जगह एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव की जानकारी नहीं थी। उन्हें इस जगह के पीछे की रोड पर तैनात किया गया था। बाद में कार्यालय के ब्रॉडबैंड इंटरनेट की मदद से उन्हें रास्ता खोजकर बताया गया और कागज पर प्रमुख सड़कें व चौराहे लिखकर दिए गए। दोनों पुलिसकर्मी आपस में कहते रहे कि अगर समय पर नहीं पहुंचे तो अनुपस्थित ही लगा दिया जाएगा।

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ड्यूटी पर जाते सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला

प्रदर्शनकारी भी पूछते रहे रास्ता
दूर-दराज के इलाकों और दूसरे राज्यों से आए प्रदर्शनकारी भी नई दिल्ली की सड़कों पर एक-दूसरे से जंतर मंतर का रास्ता पूछते नजर आए। इंटरनेट सेवा ठप होने से मोबाइल मैप और लोकेशन शेयरिंग काम नहीं कर रही थी, जिससे अनजान लोगों को काफी परेशानी हुई।

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सीजेपी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला

कैब और बाइक सवारों का हिसाब बिगड़ा
इंटरनेट बंद होने का सीधा असर एप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाओं पर भी पड़ा। नई दिल्ली पहुंचते ही कई यात्राओं का किराया मोबाइल पर अपडेट नहीं हुआ और बिल जनरेट नहीं हो सका। ऐसे में यात्रियों और चालकों ने आपसी सहमति से अनुमान के आधार पर किराया तय किया। किसी ने कम तो किसी ने अधिक भुगतान किया।

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सीजेपी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला

ऑनलाइन भुगतान भी ठप
नई दिल्ली के दफ्तरों और बाजारों में रोजमर्रा की खरीदारी ज्यादातर ऑनलाइन भुगतान से होती है। इंटरनेट सेवा बंद रहने से दुकानों पर क्यूआर कोड काम नहीं कर पाए। लंच के समय सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जिनके पास नकद नहीं था। कई लोगों ने परिचित दुकानों से उधार लेकर खाना खाया, जबकि कई लोग नकदी निकालने के लिए एटीएम तलाशते रहे। प्रदर्शन के मद्देनजर की गई इंटरनेट बंदी का सबसे बड़ा खामियाजा आखिरकार आम लोगों को भुगतना पड़ा।

'सफदरजंग में कैद हैं सोनम वांगचुक': पत्नी बोलीं- हमसे इलाज की आजादी भी छीन ली गई, सरकार पर भरोसा नहीं

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sun, 19 Jul 2026 08:24 PM IST

आंग्मो ने अस्पताल के भीतर के माहौल को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि अस्पताल की पूरी मंजिल पुलिसकर्मियों से भरी हुई है और यह माहौल किसी 'जोधपुर जेल' जैसा महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरे के अंदर पुलिस कांस्टेबल तैनात हैं। पुलिस उन्हें फोन का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है और सोनम वांगचुक को उनका टैबलेट भी नहीं दिया गया है

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : अमर उजाला

लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने रविवार को केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को जंतर-मंतर से जबरन हटाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में 'अवैध हिरासत' में रखा गया है। आंग्मो ने आरोप लगाया कि परिवार को यह चुनने क मौलिक अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है कि वे अपने मरीज का इलाज किस अस्पताल में कराना चाहते है

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI

निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग
सफदरजंग अस्पताल के बाहर बातचीत करते हुए गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि हम सिर्फ उन्हें मेदांता या अपनी पसंद के किसी अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट करना चाहते थे, जहां हम सहज महसूस कर सकें। यह भारत में एक नागरिक का मौलिक अधिकार है। आपको किसी खास डॉक्टर या अस्पताल से ही इलाज कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI

मैं यहां अपने पति को रखना नहीं चाहती
उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से वांगचुक के इलाज को संभाल रही है, उसे लेकर एक बड़ा 'विश्वास का संकट' पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ब्लड सैंपल की रिपोर्ट देने में उन्हें 10 घंटे का समय लगा। इसके अलावा, जिस अस्पताल में इतनी भारी पुलिस तैनाती और वॉटर कैनन मौजूद हों, वहां वे अपने पति को नहीं रखना चाहतीं

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI

'अस्पताल बना जोधपुर जेल, ब्लड प्रेशर बढ़ा'
आंग्मो ने अस्पताल के भीतर के माहौल को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि अस्पताल की पूरी मंजिल पुलिसकर्मियों से भरी हुई है और यह माहौल किसी 'जोधपुर जेल' जैसा महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरे के अंदर पुलिस कांस्टेबल तैनात हैं। पुलिस उन्हें फोन का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है और सोनम वांगचुक को उनका टैबलेट भी नहीं दिया गया है। पुलिस इसके लिए कोई आधिकारिक आदेश भी नहीं दिखा रही है। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ गया है। अस्पताल प्रशासन न तो वांगचुक के निजी डॉक्टरों को जांच करने दे रहा है और न ही उनसे कोई सलाह ले रहा है।

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI

मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल
दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर बात करते हुए आंग्मो ने पुलिस के उन दावों पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि वांगचुक को खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले तक उनकी रिपोर्ट ठीक थी। पोटेशियम का स्तर 4.3 था। जब हमने दोबारा जांच कराई तो यह 3.6 था, फिर सुबह की रिपोर्ट में इसे 2.9 कैसे दिखाया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार को स्वास्थ्य की इतनी ही चिंता थी, तो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भेजकर उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों उठाया गया?

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला
आंग्मो ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों द्वारा लिक्विड (तरल पदार्थ) लेने की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। वे अनशन तोड़ने के मूड में नहीं हैं।

Sonam Wangchuk wife alleges illegal detention at Safdarjung Hospital being denied the right to medical treatme

फारूक अब्दुल्ला ने जताई एकजुटता
इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने अस्पताल के बाहर गीतांजलि आंग्मो से मुलाकात की और सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अब्दुल्ला ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि वे जल्द ठीक हों और उनका आंदोलन सफल हो। लद्दाख के लोगों को शांति से रहने का अधिकार मिले और उनकी संस्कृति सुरक्षित रहे।"
 

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