मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में किसानों के मुद्दे पर सियासी घमासान देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है और खाद, एमएसपी, सरकारी खरीदी व मुआवजे जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।
खाद के लिए भटक रहा किसान, सरकार दे रही टोकन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन उसे खाद के बजाय सिर्फ टोकन मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूंग, गेहूं और सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा संकट में हैं। चुनाव के समय किसानों से वोट मांगे जाते हैं, लेकिन जब एमएसपी और किसानों के अधिकारों की बात आती है तो सरकार और उसके मंत्री गायब हो जाते हैं। कांग्रेस किसानों की आवाज सदन से लेकर सड़क तक बुलंद करेगी।
266 की बोरी 500 रुपये में खरीदने को मजबूर किसान
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने आरोप लगाया कि किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 266 रुपये की खाद की बोरी 500 रुपये और 1350 रुपये की बोरी 2000 रुपये तक में बिक रही है। उन्होंने सरकार पर खाद की कालाबाजारी रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
भाजपा का पलटवार, कहा- किसान खुशहाल हैं
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में किसानों को समय पर खाद, बीज, बिजली और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं से किसानों की आय बढ़ी है और कांग्रेस केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है।