अल्प वेतन के विरोध में कर्मचारियों ने घेरा डीपीआई कार्यालय

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में पिछले दो दशकों से सेवा दे रहे अंशकालीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। स्कूल शिक्षा और आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत इन कर्मचारियों ने मात्र पांच हजार मासिक वेतन मिलने के विरोध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने विभाग पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए अपनी व्यथा साझा की। उनकी प्रमुख मांगे 15-20 साल की सेवा के बाद नियमित नियुक्ति दी जाए, ’समान कार्य-समान वेतन और अन्य नियमित कर्मचारियों की तरह कार्य के अनुरूप उचित वेतन मिले,  वर्तमान महंगाई के दौर में पांच हजार रुपये को अपर्याप्त बताते हुए सम्मानजनक वेतन की मांग।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि हमसे प्रतिदिन 10 से 12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन वेतन के नाम पर केवल पांच हजार रुपये थमा दिए जाते हैं। हमारे पास न कोई सामाजिक सुरक्षा है और न ही भविष्य की कोई गारंटी। डीपीआई कार्यालय के घेराव के दौरान कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में होने वाली किसी भी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
 
 
 

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