जाति प्रमाणपत्र मामला: मंत्री प्रतिमा बागरी समिति के सामने रखेंगी अपना पक्ष, मिल सकती है क्लीन चिट

Edited by    Rahul Singh  Agency:Local18  Last Updated:July 05, 2026, 12:18 IST

Bhopal News: नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) को अगर कमेटी से क्लीन चिट मिलती है, तो वह मोहन यादव सरकार की दूसरी ऐसी मंत्री होंगी, जिन्हें समिति से राहत मिलेगी. इससे पहले राज्यमंत्री गौतम टेटवाल को भी कमेटी क्लीन चिट दे चुकी है.

मंत्री प्रतिमा बागरी समिति के सामने रखेंगी पक्ष, मिल सकती है क्लीन चिटप्रतिमा बागरी नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री हैं. (फोटो- फेसबुक)
भोपाल. मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ा मामला अब अहम चरण में पहुंच गया है. राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने उन्हें नोटिस जारी कर 6 जुलाई को अनुसूचित जाति विकास आयुक्त दफ्तर में मौजूद होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. कमेटी ने इस मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद आगे का फैसला करेगी. समिति के समक्ष रखे जाने वाले डॉक्यूमेंट्स के आधार पर प्रतिमा बागरी को क्लीन चिट मिलने की संभावना है. दरअसल दस्तावेजों में फैमिली ट्री भी शामिल है, जिसमें उनके परिजनों के अनुसूचित जाति वर्ग की आरक्षित सीट से विधायक और मंत्री रहने का जिक्र है.
प्रतिमा बागरी को अगर क्लीन चिट मिलती है, तो वह मोहन सरकार की दूसरी ऐसी मंत्री होंगी, जिन्हें समिति से राहत मिलेगी. इससे पहले राज्यमंत्री गौतम टेटवाल को भी कमेटी क्लीन चिट दे चुकी है. हालांकि उनके मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. इस मामले की अंतिम सुनवाई 21 जुलाई को होगी.
मंत्री के राजपूत होने के मजबूत दस्तावेज
वहीं शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार का दावा है कि सोमवार को होने वाली सुनवाई में वह ऐसे दस्तावेज पेश करेंगे, जिनसे प्रतिमा बागरी के राजपूत यानी ठाकुर समुदाय से होने का दावा साबित हो जाएगा. उनका आरोप है कि बागरी के अनुसूचित जाति का दावा जिन डॉक्यूमेंट्स पर आधारित है, वे दस्तावेज वर्तमान वैधानिक सूची और साल 2007 के गजट से मेल नहीं खाते हैं.

Leave Comments

Top