सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका: फेडरल रिजर्व की गवर्नर कुक को पद से हटाने से किया इनकार, जजों ने क्या कहा?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 29 Jun 2026 11:02 PM IST
 

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका दिया है। कोर्ट ने उन्हें फेडरल रिजर्व की गवर्नर लीसा कुक को हटाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

US Supreme Court rejects President Donald Trump's unprecedented bid to fire Fed's Cook

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फेडरल रिजर्व की गवर्नर लीसा कुक को पद से हटाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने 5-4 के फैसले से देश के केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को बरकरार रखा। यह पहली बार होता कि 1913 में फेडरल रिजर्व की स्थापना के बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति उसके किसी अधिकारी को पद से हटाता।
राष्ट्रपति के रूप में दूसरे कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप कई मामलों में अपने अधिकारों की सीमाओं को परखते रहे हैं। लेकिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि फेडरल रिजर्व की स्वतंत्र स्थिति को बनाए रखना जरूरी है।
बेंच में कौन-कौन जज शामिल थे?
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स और जस्टिस ब्रेट कैवनॉ के साथ अदालत के तीन जज बहुमत में रहे। वहीं, जज क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल एलिटो, नील गोरसच और एमी कोनी बैरेट ने इस फैसले से असहमति जताई।
चीफ जस्टिस ने क्या कहा?
जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने लीसा कुक को पद से हटाने से पहले कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उचित प्रक्रिया के बिना कुक राष्ट्रपति की ओर से लगाए गए आरोपों का सही तरीके से जवाब भी नहीं दे सकती थीं।
रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में फेडरल रिजर्व और उससे पहले के अमेरिकी केंद्रीय बैंकों के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही इन संस्थाओं को राष्ट्रपति से स्वतंत्र रखा गया है, ताकि वे बिना राजनीतिक दबाव के अपने फैसले ले सकें।

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