MP: युवक ने पंडिताई करके पत्नी को SI बनाया,अब वाइफ ने इस वजह से मांगा तलाक; कहा- इनके पहनावे से आती है शर्म

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sun, 11 Jan 2026 09:11 PM IST

भोपाल के परिवार न्यायालय में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां सब-इंस्पेक्टर बनी महिला ने पति की पारंपरिक वेशभूषा से असहजता जताते हुए तलाक की अर्जी दी है। साथ ही जो कहा वो भारतीय संस्कृति के लिए काफी चिंतनीय विषय है! चलिए खबर में पूरा मामला विस्तार से जानिए।

A young man educated his wife and helped her become a sub-inspector, but now she is demanding a divorce
भोपाल परिवार न्यायालय।

विस्तार

 

भोपाल के परिवार न्यायालय में रिश्तों से जुड़ा एक असामान्य मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) बनी एक महिला ने अपने पति से तलाक की अर्जी दी है। महिला का कहना है कि पति के धोती-कुर्ता पहनने और सिर पर चोटी रखने के कारण उसे शर्मिंदगी महसूस होती है।

पति ने अपनी कमाई से पत्नी को कोचिंग कराई
जानकारी के अनुसार, शादी के समय महिला ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही थी, जबकि उसका पति पंडिताई का कार्य करता था। पति पहले से ही धोती-कुर्ता पहनता और सिर पर चोटी रखता था। विवाह के बाद कुछ समय तक दांपत्य जीवन सामान्य रहा। इसी दौरान महिला ने शासकीय नौकरी करने की इच्छा जताई, जिस पर पति ने अपनी कमाई से उसे कोचिंग कराई। कई वर्षों की मेहनत के बाद महिला का चयन मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर हो गया।

पदस्थापना के बाद महिला के व्यवहार में बदलाव
नौकरी मिलने और प्रशिक्षण के दौरान तक दंपती के संबंध सामान्य रहे, लेकिन मैदानी पदस्थापना के बाद महिला के व्यवहार में बदलाव आने लगा। करीब तीन माह पहले उसने पति से तलाक की मांग कर दी और भोपाल के परिवार न्यायालय में परिवाद दायर किया।

महिला का तर्क है कि वह एक अधिकारी है और जब उसका पति पारंपरिक वेशभूषा में उसके साथ चलता है तो उसे असहजता और शर्म महसूस होती है। वहीं पति का कहना है कि वह पंडिताई करता है और यह उसकी पहचान तथा पेशे से जुड़ी वेशभूषा है, जिसे वह नहीं बदल सकता।

महिला पति के साथ रहने को तैयार नहीं
परिवार न्यायालय में दोनों की कई चरणों में काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन महिला पति के साथ रहने को तैयार नहीं है। उसने स्पष्ट कहा है कि जब तक पति अपना हुलिया नहीं बदलता, साथ रहना संभव नहीं है। रिश्तेदारों और परिजनों द्वारा समझाने के बावजूद महिला अपने निर्णय पर अड़ी हुई है।

फिलहाल, अदालत ने दोनों पक्षों को एक और मौका देते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने और रिश्ते को बचाने के लिए समय दिया है।


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