भागीरथपुरा की मौतों पर कांग्रेस की न्याय यात्रा आज

 राजवाड़ा तक होगा पैदल मार्च
भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूरी ताकत झोंक दी है। रविवार को इंदौर में होने वाले विशाल पैदल मार्च के जरिए कांग्रेस न केवल अपनी एकजुटता दिखाएगी, बल्कि इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी बनाने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
कांग्रेस इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार के सामने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को पद से हटाया जाए और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा लिया जाए, मुआवजाः’’ मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए और  मामले की न्यायिक जांच हो और दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए की मांग करेंगी।  इंदौर में कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटाने के लिए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी शुक्रवार से ही इंदौर में डेरा डाले हुए हैं। पटवारी ने युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल जैसे सहयोगी संगठनों को अधिकतम भीड़ जुटाने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस के तय कार्यक्रम अनुसार रविवार को बड़ा गणपति से राजवाड़ा चौक तक निकाला जाएगा।  राजवाड़ा स्थित मां अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 60ः40 के अनुपात में खर्च का नया प्रावधान गरीब मजदूरों के अधिकारों पर हमला है और इससे राज्य पर हर साल अतिरिक्त 5,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 90.5 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों की ई-केवाइसी लंबित है, जो किसी भी संवेदनशील नीति की असफलता को दर्शाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार को यह निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए और कांग्रेस मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को जारी रखेगी।

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