रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर की दान पेटियों में कथित गड़बड़ी और चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच अब दो वर्ष पुराना एक और मामला चर्चाओं में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, सावन के झूला मेले में भगवान राम और उनके तीनों भाइयों भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न को पहनाए जाने वाले सोने के मुकुट अचानक गायब हो गए थे, जिससे मंदिर प्रशासन और पुजारियों में हड़कंप मच गया था।
परंपरा के अनुसार झूलन उत्सव के दौरान चारों भाइयों का विशेष श्रृंगार कर उन्हें सोने के मुकुट पहनाए जाते हैं और झूले पर विराजमान कर भक्तों को दर्शन कराए जाते हैं। बताया जाता है कि सावन मेले की तैयारियों के दौरान जब पुजारियों ने मुकुट मांगे तो वे उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई, लेकिन कई महीनों तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
श्रद्धालु ने मां के जेवर बेचकर बनवाए थे मुकुट
सूत्रों की मानें तो लगातार दबाव और खोजबीन के बाद ये मुकुट मंदिर परिसर में ही ट्रस्ट से जुड़े एक पदाधिकारी की अलमारी से बरामद हुए थे। चर्चा यह भी रही कि ये मुकुट गाजियाबाद के एक श्रद्धालु द्वारा अपनी मां के जेवर बेचकर बनवाए गए थे और रामलला को भेंट किए गए थे।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर व्यवस्था पर सवाल उठे थे। सूत्रों के अनुसार बाद में इस प्रकरण से जुड़े एक कर्मचारी को तत्कालीन कार्रवाई के तहत हटाया भी गया था। हालांकि इस संबंध में कभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
मुकुट गायब होने का पुराना मामला फिर चर्चा में
अब जबकि दानराशि और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है, ऐसे में मुकुट गायब होने का यह पुराना मामला भी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।