नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून भी प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। सामान्य तौर पर 15 जून को प्रदेश में मानसून के आगमन की तिथि है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। पिछले 10 वर्षों में ऐसा केवल एक बार हुआ है, जब मानसून ने प्रदेश में 15 जून को दस्तक दी। आठ बार वह तीन से 10 दिन की देरी से पहुंचा है।
सोमवार को मानसून की उत्तरी सीमा सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट पर स्थिर रही। मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पेंट दिनों में यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और भागों में आगे बढ़ेगा। यानी इस सप्ताह मध्य प्रदेश में पहुंचने की संभावना कमजोर हुई है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला का कहना है कि प्रदेश में मानसून 20-21 जून के बाद ही पहुंच पाएगा
पिछले 10 वर्षों में 2016 से 2025 तक के मानसून ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून ने वर्ष 2020 में अपने निर्धारित समय 15 जून को प्रदेश की सीमा में प्रवेश किया था। 2021 में तो सामान्य समय से पांच दिन पहले यानी 10 जून को ही पहुंच गया था। ज्यादातर मौकों पर मानसून अपने निर्धारित समय से देरी से ही आया है। इस साल भी यही ट्रेंड नजर आ रहा है।
प्री-मानसून में 29 प्रतिशत कम बरसा पानी, भोपाल में सामान्य से 119% अधिक वर्षा
एक से 15 जून तक मध्य प्रदेश में औसत से 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 51 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। अनूपपुर में 68 प्रतिशत और बालाघाट में 82 प्रतिशत कम वर्षा है, जबकि पश्चिमी प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर है और वहां औसत से केवल 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है। भोपाल में प्री-मानसून की अच्छी गतिविधियों के चलते सामान्य से 119 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।
एक नजर में: पिछले 10 वर्षों में कब-कब आया मानसून
| वर्ष |
मध्य प्रदेश में एंट्री |
भोपाल में आगमन |
| 2016 |
19 जून |
19 जून |
| 2017 |
22 जून |
26 जून |
| 2018 |
24 जून |
27 जून |
| 2019 |
24 जून |
28 जून |
| 2020 |
15 जून |
23 जून |
| 2021 |
10 जून |
11 जून |
| 2022 |
16 जून |
26 जून |
| 2023 |
24 जून |
24 जून |
| 2024 |
21 जून |
23 जून |
| 2025 |
16 जून |
18 जून |
प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून है। 25 जून तक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाता है। इस बार मानसून तय समय में नहीं पहुंचा। चार-पेंट दिनों में इसके महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं, जिसके बाद ही यह मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। - अरुण शर्मा, पूर्व अनुमान अधिकारी, मौसम केंद्र भोपाल