मुख्यमंत्री ने समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश कार्यक्रम में उद्यमियों से किया संवाद
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। छोटे उद्योग करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। हमारा उद्देश्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई स्थापित करने का है। सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हर जिले में उद्योग, हर परिवार में रोजगार और हर युवा को अवसर देना राज्य सरकार का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से प्रोत्साहन राशि और हितलाभ वितरण के लिए आयोजित श्समृद्ध एमएसएमई- विकसित मध्यप्रदेशश् कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। साथ ही 31 मार्च 2026 तक की समस्त देयताओं का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6 ईटीपी निर्मित करने वाली इकाइयों को दो करोड़ 2 लाख की रुपये सहायता, विशेष पैकेज के तहत इकाइयों को एक करोड़ 7 लाख रुपये मण्डीशुल्क की प्रतिपूर्ति और 11 इकाईयों का विद्युत टैरिफ रुपए तीन करोड़ 69 लाख रुपये का वितरण सिंगल क्लिक से किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण राशि, भू-आवंटन पत्रक तथा स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण भी किया। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया।
सवा करोड़ से अधिक लोगों को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता और नवाचारों में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों में सवा करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसमें 4 लाख 41 हजार से अधिक इकाइयों की कमान बहनें संभाल रही हैं, यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी है। आगामी ढाई वर्षों में 4 हजार 500 करोड़ रुपये देकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती देने का लक्ष्य है। एमएसएमई विकास, नीति उद्यमियों को मजबूती प्रदान कर रही है।
मध्यप्रदेश को मिला लीडर श्रेणी का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप आज देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 7 हजार 400 से अधिक हो चुकी है, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत 3 हजार 400 से अधिक स्टार्ट-अप्स का नेतृत्व हमारी बहनें कर रही हैं। स्टार्ट-अप्स के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाश् के तहत पिछले ढाई वर्षों में 23 हजार 500 से अधिक युवाओं को 1 हजार 630 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। स्टार्टअप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को ष्लीडरष् श्रेणी का सम्मान मिला है।
अब यूके में लगा रहे हैं औद्योगिक इकाई
सारवा फोम इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने कहा कि हमने भोपाल में फोम बनाने की एक छोटी यूनिट से शुरूआत की थी। आज देश के 5 राज्यों में हमारी ईकाइयां हैं और अब यूके में भी एक इकाई खुलने जा रही है। मध्यप्रदेश में उद्योग संचालन की लागत सबसे कम है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।