नगर निगम की नई कार्ययोजना, स्व-सहायता समूहों के लिए बनेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल अब एक हाई-टेक और सामाजिक रूप से सशक्त शहर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए भोपाल नगर निगम ने एक मेगा प्लान तैयार किया है।
नगर निगम के इस दोहरे कदम के तहत एक तरफ जहां महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए विशेष कारोबार केंद्र बनाए जाएंगे, वहीं दूसरी तरफ नागरिक सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए नगर निगम के रोजमर्रा के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को शामिल किया जाएगा। तकनीक और वीमेन एम्पॉवरमेंट का यह अनूठा संगम भोपाल की सूरत बदलने की तैयारी में है। नगर निगम की प्रस्तावित योजना के अनुसार, महिला स्व-सहायता समूहों के लिए एक साझा सुविधा केंद्र (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) और विशेष कारोबार केंद्र विकसित किया जाएगा। अब तक छोटे स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को बुनियादी ढाँचे की कमी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस सेंटर के बनने से उन्हें सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
सामान बनाने और उसे सुरक्षित रखने की आधुनिक व्यवस्था, उत्पादों को आकर्षक और बाजार के अनुकूल बनाने के लिए विशेषज्ञ गाइडेंस, स्थानीय उत्पादों को बड़े और डिजिटल बाजारों (ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म) से जोड़ा जाएगा ताकि महिलाओं को उनके उत्पादों का सही दाम मिल सके। निगम की इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगी।
अब एआई रखेगा पैनी नजर
बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए भोपाल नगर निगम अपने प्रशासनिक ढर्रे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब मानवीय कसर को पूरी करने और कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की भूमिका को बढ़ाया जा रहा है। शहर के कचरा प्रबंधन और सफाई कर्मचारियों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नागरिकों की समस्याओं का बिना किसी देरी के डिजिटल माध्यम से ऑटो-समाधान, वार्ड स्तर पर पानी, बिजली और अन्य संसाधनों की निगरानी।