नामांकन खारिज किए जाने का विरोध, हर संगठन प्रदेष में करेगा प्रदर्षन

भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयोग के इस फैसले के विरोध में अब पार्टी एक बिल्कुल नई और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है।
पार्टी के नए प्लान के मुताबिक, अब प्रदेश में पूरी कांग्रेस एक साथ सड़कों पर नजर नहीं आएगी, बल्कि पार्टी का हर एक अनुषांगिक संगठन अलग-अलग दिन आंदोलन की कमान संभालेगा। राजधानी भोपाल से लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक तय संगठन के नेतृत्व में ही प्रदर्शन किया जाएगा। लगातार विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस ने महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, आदिवासी और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ सहित अपने विभिन्न सहयोगी संगठनों को एक-एक दिन की जिम्मेदारी सौंपी है। आज पहले दिन आंदोलन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के नेतृत्व में हुई। पहले दिन पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन दिए और पुतले फूंके जाएंगे। कल 15 जून (दूसरा दिन) प्रदर्शन की कमान युवा कांग्रेस संभालेगी। युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष यश घनघोरिया ने बताया कि 15 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर युवा कांग्रेस की स्थानीय इकाइयां सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगी। पार्टी का मानना है कि नामांकन का निरस्त होना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला है और वे चरणबद्ध तरीके से इस आंदोलन को तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी आवाज दिल्ली तक न पहुंच जाए।
हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस
एक तरफ जहां प्रदेश में आंदोलन की आग सुलग रही है, वहीं दूसरी तरफ मीनाक्षी नटराजन खुद दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। वे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और बड़े कानूनी दिग्गजों के साथ लगातार मंथन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इसी सप्ताह हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने जा रही है। इस कानूनी लड़ाई की सबसे खास बात यह होगी कि कांग्रेस को इस मामले में संबंधित सीट से जीते हुए तीनों उम्मीदवारों को भी पक्षकार बनाना होगा, जिससे यह कानूनी पेच और दिलचस्प होने वाला है।
 


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