कांग्रेस ने कहा किसान कल्याण वर्ष बना किसान हैरान वर्ष
भोपाल। प्रदेश में गेहूं खरीदी, किसानों की आय और सरकारी नीतियों को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के कारण प्रदेश का अन्नदाता आज दाने-दाने को मोहताज है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व विधायक एवं एआईसीसी सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार के दावों की गलत ठहराया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया प्रदेश में 19 लाख से अधिक किसानों ने लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का पंजीयन कराया है। सरकार ने केवल 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ही लक्ष्य तय किया है, जो उत्पादन के मुकाबले बेहद कम है। अब तक मात्र 16 लाख मीट्रिक टन की ही खरीदी हो सकी है। चौधरी ने कहा कि सरकार जिस साल को किसान कल्याण वर्ष बता रही है, वह हकीकत में किसान हैरान वर्ष बन गया है। इस धीमी रफ्तार से खरीदी का लक्ष्य पूरा होना नामुमकिन है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नए-नए नियम लागू कर किसानों को परेशान कर रही है। सैटेलाइट सत्यापन और पंजीयन की पेचीदगियों में किसान उलझ कर रह गया है।
भुगतान में देरी का आरोप
चौधरी ने कहा कि खरीदी केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के मामले भी सामने आ रही है। हरदा में वेयरहाउस में कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया है। राजगढ़ (जीरापुर) में तुलाई होने के बावजूद किसानों का भुगतान रोक दिया गया है।कांग्रेस का आरोप है कि पारदर्शी सिस्टम के अभाव में किसानों को अपने ही हक के पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
28 अप्रैल शक्ति प्रदर्शन
चौधरी ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। उन्होंने घोषणा की कि 28 अप्रैल को केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र बुधनी में एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित तमाम दिग्गज नेता शामिल होकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे।