हाईकोर्ट में सरकार ने दी जानकारी, विधायक बोलीं मुझे सुनवाई की कोई सूचना नहीं
भोपाल। बीना विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल और सदस्यता शून्य करने के मामले में कल 22 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सुनवाई करेंगे। इस दौरान वे याचिकाकर्ता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पक्ष सुनेंगे। हालांकि, इस मामले में पेंच यह है कि विधायक निर्मला सप्रे ने उन्हें किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना मिलने से इनकार किया है।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत याचिका लगाई है। याचिका में आरोप है कि निर्मला सप्रे कांग्रेस की टिकट पर निर्वाचित होने के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहीं। 5 मई 2024 को राहतगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंच पर उपस्थित होकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता का संकेत दिया। भाजपा में शामिल होने के बावजूद उन्होंने अब तक विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है, जो दल-बदल कानून का उल्लंघन है। राज्य सरकार ने हाल ही में हाईकोर्ट को सूचित किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रकरण में 22 अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए तय की है। सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने अगली सुनवाई 29 अगस्त तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।
जो जवाब कोर्ट में पेश किया वह उनका अंतिम पक्ष
विधायक निर्मला सप्रे का कहना है कि उन्होंने जो जवाब कोर्ट में पेश किया है, वही उनका अंतिम पक्ष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा की ओर से उन्हें बुधवार की सुनवाई के लिए कोई बुलावा नहीं आया है। इस संबंध में विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने भी पुष्टि की है कि अध्यक्ष ने केवल नेता प्रतिपक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। फिलहाल विधायक सप्रे को पेश होने के लिए कोई सूचना जारी नहीं की गई है।