आईटी सेल कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर भड़की कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के फर्जी वायरल पत्र का मामला
भोपाल। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पत्र ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को भोपाल साइबर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने इसे सत्ता का दुरुपयोग और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया है।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि साइबर पुलिस ने शुरुआत में 7 कार्यकर्ताओं को उठाया था, जिनमें से 4 को रिहा कर दिया गया, लेकिन 3 कार्यकर्ता पिछले 27 घंटों से बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में हैं। तन्खा ने मुख्यमंत्री और पुलिस अधीक्षक को टैग करते हुए लिखा कि यह कार्रवाई आश्चर्यजनक और निराशाजनक है। जिस पत्र को लाखों लोगों ने 15-16 अप्रैल से साझा किया, उसे 18 अप्रैल की शाम को फर्जी घोषित कर कार्यकर्ताओं को उठा लेना न्यायसंगत नहीं है।
हाईकोर्ट में दायर की याचिका
राज्यसभा सासंद विवेक तन्खा के मुताबिक मामले को लेकर पार्टी की लीगल टीम सक्रिय हो गई है और इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चौधरी ने की निश्पक्ष जांच की मांग
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि असहमति की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। चौधरी ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
पटवारी बोले मुझ पर दर्ज करें एफआईआर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि वसुंधरा राजे सिंधिया का लेटर कुछ दिन पहले सामने आया, तीन दिन बाद वसुंधरा राजे ने लेटर को अपना नहीं बताया। जब वसुंधरा राजे का लेटर वायरल हुआ तो सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। अगर एफआईआर करनी है तो मुझ पर की जाए, इस तरह की यदि यातनाएं दी तो सभी कांग्रेस के कार्यकर्ता कैंपेन चलाएंगे कि मुझ पर एफआईआर करो।
फेक न्यूज का अड्डा बनी कांग्रेस
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर ’कूटरचित’ दस्तावेज फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल अब फेक न्यूज के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए भाजपा नेताओं के नाम से फर्जी पत्र गढ़ना कांग्रेस की कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है। यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है। भाजपा ने कांग्रेस से बिना शर्त माफी मांगने और पोस्ट हटाने की मांग की है।

 

Leave Comments

Top