नई दिल्ली. विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय हल्का-फुल्का लेकिन चर्चित माहौल बन गया, जब Rahul Gandhi ने अपनी बहन Priyanka Gandhi Vadra की तारीफ करते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रियंका गांधी ने महज पांच मिनट में वह हासिल कर लिया, जो वह अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में नहीं कर पाए। उनका इशारा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की ओर था, जिन्हें लेकर उन्होंने यह टिप्पणी की।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ सीखता है और उन्होंने भी अपनी बहन से एक खास चीज सीखने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले जब प्रियंका गांधी लोकसभा में बोल रही थीं, तब उन्होंने अपने अंदाज में कुछ ऐसा कहा कि अमित शाह मुस्कुरा पड़े। राहुल गांधी ने मजाकिया लहजे में कहा कि वह खुद 20 साल में ऐसा नहीं कर पाए कि अमित शाह को मुस्कुराने पर मजबूर कर सकें, लेकिन प्रियंका गांधी ने यह काम कुछ ही मिनटों में कर दिखाया। इस टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से ठहाके गूंज उठे।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि एक बड़े भाई के रूप में उन्हें अपनी बहन पर गर्व महसूस हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi का जिक्र करते हुए एक पुरानी घटना भी साझा की, जिसमें डर पर काबू पाने और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का संदेश दिया गया था। उनके इस भाषण में जहां एक ओर पारिवारिक भावनाएं झलक रही थीं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक माहौल को हल्का करने का प्रयास भी साफ दिखाई दिया।
दरअसल, यह पूरा प्रसंग उस समय का है जब प्रियंका गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े विधेयकों पर बोलते हुए सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन दूसरी ओर ओबीसी वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने और राज्यों की स्थिति को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने जब सत्तापक्ष की ओर देखा तो अमित शाह मुस्कुराते नजर आए। इस पर उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हल्के अंदाज में कहा कि गृह मंत्री हंस रहे हैं और उनका पूरा प्लान तैयार है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर प्राचीन राजनीतिक चिंतक चाणक्य आज जीवित होते तो वह भी इस तरह की राजनीतिक रणनीति को देखकर हैरान रह जाते। उनके इस बयान पर सदन में एक बार फिर हंसी का माहौल बन गया।
बाद में अमित शाह ने अपने जवाब में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि प्रस्तावित विधेयकों के तहत सीटों की संख्या बढ़ाने से किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए भी प्रतिनिधित्व में वृद्धि का आश्वासन दिया और कहा कि मौजूदा अनुपात को बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। हालांकि कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधेयकों में इस तरह की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के गंभीर माहौल के बीच एक हल्का और मानवीय पहलू भी सामने रखा, जहां राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच हास्य और संवाद की झलक देखने को मिली। राहुल गांधी की यह टिप्पणी अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।