Narendra Modi का बयान: ईरान संकट से वैश्विक असर, देश के लिए चुनौतीपूर्ण समय

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में देश को संबोधित करते हुए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. पीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यह जंग जारी रही, तो इसके परिणाम बेहद घातक होंगे. उन्होंने आने वाले समय को देश के लिए एक "बड़ी परीक्षा" बताते हुए सभी राज्यों से 'टीम इंडिया' की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया है.

सप्लाई चेन और व्यापार पर सीधा प्रहार
प्रधानमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे संकट के कारण भारत के व्यापारिक मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. उन्होंने निम्नलिखित चुनौतियों को रेखांकित किया:

भारतीय क्रू की सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यावसायिक जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद हैं, जो चिंता का विषय है.

महंगाई का खतरा: युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर (खाद) की सप्लाई चेन बाधित हो रही है, जिससे देश में महंगाई बढ़ने का जोखिम है.

डिप्लोमेसी पर जोर: पीएम ने कहा कि भारत कूटनीतिक रास्तों से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है.

सरकार की 'वॉर-रूम' रणनीति: 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप गठित
संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कोरोना काल जैसी सक्रियता दिखाई है. प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सप्लाई चेन, तेल-गैस, खाद और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित निर्णय लेने के लिए 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप (Empowered Groups) बनाए गए हैं. ये समूह दूरगामी रणनीति के तहत काम करेंगे ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े.

राज्यों और किसानों के लिए खास संदेश
पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें. उन्होंने विशेष रूप से कहा:

"संकट कितना भी बड़ा हो, भारत की ग्रोथ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है. गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ पात्रों तक पहुंचता रहे, इसके लिए राज्य विशेष व्यवस्था करें."

किसानों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले बुआई सीजन के लिए खाद की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है.

वतन वापसी का मिशन जारी
युद्धग्रस्त इलाकों से भारतीयों को निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. पीएम ने बताया कि अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं. इनमें ईरान से लौटे 1000 लोग भी शामिल हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं. हालांकि, उन्होंने कुछ भारतीयों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया.

 

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