सिवनी-बालाघाट हाईवे होगा फोरलेन, जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा

 

 कैबिनेट का बड़ा फैसला, खर्च किए जाएंगे 3,458 करोड़
भोपाल। प्रदेश में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सुगम यातायात को गति देते हुए डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं से जुड़े कई बड़े निर्णयों पर मुहर लगा दी है। राज्य सरकार ने सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को 3,458 करोड़ रूपए की लागत से फोरलेन बनाने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही, हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर 12 अन्य सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने के अलावा, आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा देने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया है।
कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट मार्ग को श्पेव्ड शोल्डरश् के साथ फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा। सड़क का लगभग 6 किलोमीटर हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जो टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर का प्रमुख भाग है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी काफी अहम साबित होगा। नए फोरलेन के निर्माण के बाद सिवनी से बालाघाट के बीच यात्रा का समय घटकर आधा यानी करीब एक घंटा रह जाएगा। मंत्री ने बताया कि सरकार ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत 12 अन्य सड़कों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इसके तहत भोपाल-विदिशा मार्ग 44.83 किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण लगभग 1,792 करोड़ से होगा, खलघाट-मनावर-मांडोगढ़ मार्ग  93.11 किमी की इस परियोजना पर करीब 3,316 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग (मंदसौर) 82 किमी लंबे इस मार्ग की लागत 719 करोड़ तय की गई है। पूर्वी भोपाल बायपास 51.86 किमी लंबे इस बायपास को फोरलेन से सिक्स-लेन करने का प्रस्ताव है, जिस पर 431 करोड़ की लागत आएगी।
जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया होगी तेज, मिलेगा 4 गुना मुआवजा
परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अनिवार्य अधिग्रहण के साथ-साथ आपसी सहमति से जमीन लेने पर भी भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कानूनी जटिलताएं खत्म होंगी और अधिग्रहित जमीन पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा।
किसानों के लिए व्हाट्सऐप से खाद बुकिंग
बैठक में कृषि एवं अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों में खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए बुकिंग शुरू करने की तैयारी है। वहीं, 20 अगस्त से शुरू हुई फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया के तहत अधिकारी खुद किसानों के पास पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने असामान्य बारिश की स्थिति की समीक्षा करते हुए अतिवृष्टि वाले जिलों में राहत कार्य और कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
ईओडब्ल्यू बीएनएस में दर्ज कर सकेंगे प्रकरण
उज्जैन में धन्वंतरी आयुर्वेद विश्वविद्यालय के लिए नए पदों के सृजन, भारतीय न्याय संहिता के तहत आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में आवश्यक बदलावों और फर्जी भुगतान के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, 2024 के पहले भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज होते थे। अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को अधिकृत करने का फैसला लिया गया है।

 

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