भाजपा में प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी की भूमिका में हो सकता है बदलाव

राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद राज्य प्रभारियों में बदलाव की अटकलें तेज
भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन द्वारा अपनी नई टीम की औपचारिक घोषणा के बाद अब संगठन स्तर पर राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। पार्टी द्वारा कुछ राज्यों में कमान सौंपे जाने के बाद अब शेष राज्यों में भी बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। इस नए संगठनात्मक पुनर्गठन के बीच मध्य प्रदेश के प्रभारी और सह-प्रभारी को बदले जाने की अटकलें तेजी से जोर पकड़ने लगी हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा इसलिए भी गर्म है क्योंकि प्रदेश के मौजूदा प्रभारी महेंद्र सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश से आते हैं और इन दिनों उनकी सक्रियता वहीं अधिक देखी जा रही है। वे उत्तर प्रदेश में लगातार संगठनात्मक दौरों और पार्टी कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिससे मध्य प्रदेश में उनकी भावी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रदेश के सह-प्रभारी सतीश उपाध्याय दिल्ली से विधायक हैं और साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इन दोहरी और बड़ी जिम्मेदारियों के कारण उनकी व्यस्तता काफी बढ़ गई है। ऐसे में संगठन के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी मध्य प्रदेश के लिए मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखेगी या नए चेहरों पर दांव लगाएगी।
दिग्गज नेताओं की नई भूमिका पर मंथन
राष्ट्रीय टीम की घोषणा के बाद प्रदेश के दो वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को केंद्रीय टीम में जगह न मिलने पर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों ही नेता व्यापक संगठनात्मक अनुभव रखते हैं। भाजपा सूत्रों की माने तो पार्टी इन अनुभवी नेताओं की क्षमता का उपयोग आगामी चुनावी राज्यों में संगठनात्मक मजबूती देने और चुनावी रणनीति बनाने के लिए कर सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान इन दिग्गजों को क्या नई जिम्मेदारी सौंपता है।
 


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