महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार (03 जनवरी) से बीएमसी चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का बिगुल बजा दिया है। भाजपा-शिव सेना (एकनाथ शिंदे)-आरपीआई महायुति गठबंधन ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और अन्य नगर निगम चुनावों के लिए वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में एक भव्य रैली के साथ आधिकारिक तौर पर अपना अभियान शुरू किया।
बीएमसी चुनाव अभियान का शुभारंभ
इस दौरान महायुति कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज (शनिवार) मुंबई में हमने नारियल फोड़कर अपने बीएमसी चुनाव अभियान का शुभारंभ किया। यह चुनाव मुंबई की जनता और मुंबई के लिए जीवन बदलने वाला साबित होगा। विरोधियों को घेरते हुए फडणवीस ने कहा कि हमें उन लोगों को सबक सिखाना होगा, जो सिर्फ अपने स्वार्थ की परवाह करते हैं। ये लोग (विपक्ष) सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं करते, लेकिन अब जनता उन्हें चुनेगी, जो अपने वादे पूरे करते हैं, यानी महायुति गठबंधन को।
मुंबई का मेयर हिंदू और मराठी होगा-सीएम
बिना नाम लिए फडणवीस ने कहा कि वंश तो जन्म से ही मिलता है, लेकिन विचारधारा विरासत में नहीं मिलती। इसे गढ़ना पड़ता है। इस चुनाव में श्रेय चुराने का काम चल रहा है। कुछ और न मिलने पर उन्होंने यह एजेंडा शुरू कर दिया है कि मुंबई का मेयर मराठी होगा। मैं स्पष्ट कर दूं, मुंबई का मेयर महायुति गठबंधन से होगा। वह हिंदू और मराठी होगा। 'रैलियों में वंदे मातरम का जाप भी बंद', साधा निशाना
उन्होंने आगे कहा कि कुछ नेताओं ने कुछ दिन पहले कहा था कि बुर्का पहनने वाली मेयर चुनी जाएगी। मुझे लगा था कि जो लोग मराठी मेयर की बात कर रहे हैं, वे जरूर जवाब देंगे, लेकिन, उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। इतना ही नहीं, उनकी रैलियों में वंदे मातरम का जाप भी बंद हो गया है। उनका रंग बदल गया है। बता दें कि एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने बयान दिया था कि मुंबई की मेयर बुर्का पहनने वाली महिला होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि 16 जनवरी को महायुति की महाविजय होगी।