आयुष्मान योजना में बड़ा बदलाव
भोपाल। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस योजना का लाभ केवल उन्हीं निजी अस्पतालों में मिलेगा, जिनके पास एनएबीएच (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) का सर्टिफिकेट होगा। राज्य सरकार के इस फैसले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया है।
सरकार के निर्देशानुसार आयुष्मान योजना से जुड़े सभी निजी अस्पतालों को 31 मार्च तक एनएबीएच प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। 1 अप्रैल से बिना एनएबीएच सर्टिफिकेट वाले अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज नहीं कर सकेंगे। दरअसल, सरकार का उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जिन अस्पतालों में एनएबीएच के तय मानक पूरे नहीं होंगे, उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है। इसी वजह से आयुष्मान योजना में शामिल निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया गया है।
गौरतलब है कि एनएबीएच यानी नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अस्पतालों की गुणवत्ता की जांच कर उन्हें प्रमाणित करता है। इसमें दो स्तर होते हैं पहला, एंट्री लेवल एनएबीएच जिसमें न्यूनतम गुणवत्ता मानक शामिल हैं, और दूसरा, फुल एनएबीएच जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता को दर्शाता है।