नैट स्किवर की ऐतिहासिक सेंचुरी से हिली वडोदरा की रात, मुंबई इंडियंस ने आरसीबी को 15 रन से हराया

वडोदरा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार की रात महिला प्रीमियर लीग 2026 का मुकाबला रोमांच, रिकॉर्ड और दबाव—तीनों का साक्षी बना, जब मुंबई इंडियंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 15 रन से शिकस्त देकर अंक तालिका में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली। 200 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी अंतिम ओवरों तक संघर्ष करती रही, लेकिन मुंबई के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण और सधी हुई फील्डिंग के आगे 20 ओवर में 9 विकेट पर 184 रन ही बना सकी।

मैच की दिशा पहले ही पारी में तय हो गई थी, जब मुंबई की स्टार ऑलराउंडर नैट स्किवर-ब्रंट ने इतिहास रचते हुए महिला प्रीमियर लीग का पहला शतक जड़ा। 57 गेंदों पर नाबाद 100 रन की उनकी पारी में 16 चौके और एक छक्का शामिल रहा। यह सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि दबाव के क्षणों में टीम को स्थिरता देने और स्कोरबोर्ड पर रनों की बारिश करने का आदर्श उदाहरण भी था। स्किवर-ब्रंट की बल्लेबाजी में संतुलन साफ दिखा—जहां जरूरत पड़ी वहां स्ट्राइक रोटेशन, और जहां मौका मिला वहां सीमारेखा के पार सटीक प्रहार।

उनका साथ निभाया हेले मैथ्यूज ने, जिन्होंने 39 गेंदों पर 56 रन बनाकर पारी को मजबूत आधार दिया। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने आरसीबी के गेंदबाजों की योजनाओं को लगातार विफल किया। पावरप्ले के बाद भी रन गति में कोई गिरावट नहीं आई, जिससे आरसीबी की कप्तानी और फील्ड प्लेसमेंट पर दबाव बढ़ता गया। मुंबई ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जो इस मैदान और परिस्थितियों में चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत लड़खड़ाती रही। शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने से रन गति पर असर पड़ा और मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव आ गया। हालांकि, विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने एक छोर संभालते हुए साहसिक पारी खेली। 50 गेंदों पर 90 रन बनाते हुए उन्होंने दस चौके और छह छक्के जड़े और दर्शकों को आखिरी ओवर तक उम्मीद बांधे रखी। ऋचा की बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ जिम्मेदारी भी दिखी, लेकिन दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।

नादिन डी क्लर्क ने 20 गेंदों पर 28 रन जोड़कर कुछ देर तक मुकाबले में जान डाली, पर बढ़ती रन दर ने आरसीबी को लगातार जोखिम उठाने पर मजबूर किया। आखिरी पांच ओवरों में जब प्रति ओवर 15 से अधिक रन चाहिए थे, तब मुंबई के गेंदबाजों ने लाइन-लेंथ में अनुशासन बनाए रखा और बड़े शॉट्स की गुंजाइश सीमित कर दी। परिणामस्वरूप, विकेट गिरते गए और लक्ष्य हाथ से फिसलता चला गया।

मुंबई की जीत में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही। हेले मैथ्यूज ने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी प्रभाव छोड़ा और तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर आरसीबी की रीढ़ तोड़ दी। उनकी गेंदबाजी में विविधता और सटीकता दिखी, जिसने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया। शबनिम इस्माइल ने अपनी रफ्तार से दबाव बनाया और दो विकेट लेकर पीछा कर रही टीम की लय बिगाड़ी। इसके अलावा, मुंबई की फील्डिंग भी मैच का अहम पहलू रही—तेज कैच, चुस्त ग्राउंड फील्डिंग और सटीक थ्रो ने आरसीबी को अतिरिक्त रन लेने से रोके रखा।

मैच के दौरान रणनीतिक फैसलों ने भी अंतर पैदा किया। मुंबई ने गेंदबाजी परिवर्तन समय पर किए, जबकि आरसीबी को शुरुआती विकेट गिरने के बाद अपनी बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल करना पड़ा। दबाव में लिए गए जोखिम भरे शॉट्स ने विकेट गंवाए और लक्ष्य और दूर होता चला गया। दर्शकों के लिए यह मुकाबला अंत तक रोमांचक रहा, लेकिन स्कोरबोर्ड का दबाव अंततः निर्णायक साबित हुआ।

इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने न केवल दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि टूर्नामेंट में अपने इरादे भी स्पष्ट कर दिए। नैट स्किवर-ब्रंट का शतक आने वाले मैचों के लिए विरोधी टीमों के लिए चेतावनी है, वहीं गेंदबाजी इकाई का संतुलन मुंबई को खतरनाक बनाता है। दूसरी ओर, आरसीबी के लिए ऋचा घोष की पारी सकारात्मक संकेत है, लेकिन टीम को शीर्ष और मध्यक्रम में स्थिरता तलाशनी होगी, ताकि बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय दबाव कम किया जा सके।

संक्षेप में, वडोदरा की यह रात महिला प्रीमियर लीग के इतिहास में दर्ज हो गई—जहां एक ऐतिहासिक शतक, सधी हुई गेंदबाजी और टीम प्रयास ने मुंबई इंडियंस को 15 रन की यादगार जीत दिलाई, और टूर्नामेंट को एक और यादगार मुकाबला मिला।


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