मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में नव-निर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम “संध्या छाया” का लोकार्पण किया। पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर-3 पर स्थित यह वृद्धाश्रम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पीपीपी मॉडल पर निर्मित किया गया है। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने परिसर का निरीक्षण किया और यहां रह रहे वरिष्ठजनों से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क, भवन और पुल बनाना नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सेवा भारती के सहयोग से राजधानी में वरिष्ठ नागरिकों को परिवार जैसा वातावरण देने की पहल की गई है
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में प्रदेशभर से आए कलाकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कलाकारों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने दिव्यांगजनों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उनमें अद्भुत बौद्धिक और रचनात्मक क्षमताएं होती हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 54.52 लाख से अधिक हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रुपये की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा रही है, और “संध्या छाया” इसका सशक्त उदाहरण है।
यह वृद्धाश्रम भोपाल के पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर-3 पर स्थित है। यह पांच एकड़ से अधिक भूमि में बनाया गया है। यहां कुल 34 कमरे हैं, जिनमें 12 सिंगल बेड और 22 डबल बेड कमरे शामिल हैं। इसमें 56 वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था है। वृद्धाश्रम के सभी कमरे वातानुकूलित हैं और इनमें टीवी, फ्रिज, गर्म व ठंडे पानी की सुविधा, निजी बालकनी और अटैच बाथरूम उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत डॉक्टर परामर्श, फिजियोथेरिपी सेंटर और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई है। मनोरंजन के लिए लाइब्रेरी, ओपन मेस, डाइनिंग हॉल और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया पाथ-वे बनाया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर कमरे में कॉल बेल, इंटरकाम और टेलीफोन की सुविधा भी दी गई है।
“संध्या छाया” के संचालन की जिम्मेदारी सेवा भारती मध्य भारत को दो वर्षों के लिए सौंपी गई है। यहां रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को कमरे के आकार के अनुसार प्रतिमाह शुल्क देना होगा। यह शुल्क लगभग 38 हजार रुपये से लेकर 49,990 रुपये प्रतिमाह तक है। बता दे कि प्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा पहले से 83 नि:शुल्क वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 2,300 बुजुर्ग रह रहे हैं। वहां रहने, भोजन, कपड़े और स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त दी जाती हैं। आर्थिक रूप से सक्षम वरिष्ठ नागरिकों के लिए “संध्या छाया” एक नई और अभिनव पहल है। राज्य सरकार भविष्य में पीपीपी मॉडल पर ऐसे और पेड वृद्धाश्रम शुरू करने की योजना पर भी काम कर रही है।